राष्ट्र की अखंडता सर्वोपरि...जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों-आतंकी तंत्र पर बड़ा प्रहार, हुर्रियत मुख्यालय कुर्क

जम्मू और कश्मीर में अलगाववादियों-आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के मुख्यालय को कुर्क कर दिया है. अलगाववाद और भारत विरोधी गतिविधियों के केंद्र रहे इस संगठन पर एक्शन UAPA के तहत लिया गया है. आगे भी ऐसी कार्रवाई के पुलिस ने संकेत दिए हैं और कहा है कि राष्ट्र की अखंडता से कोई समझौता नहीं होगा.

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02 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:15 AM )
राष्ट्र की अखंडता सर्वोपरि...जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों-आतंकी तंत्र पर बड़ा प्रहार, हुर्रियत मुख्यालय कुर्क
Image: Syed Ali Shah Geelani (File Photo)

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के ताबूत में आखिरी कील ठोकने की तैयारी कर ली गई है. उनकी कमर तोड़ने के उद्देश्य से J&K पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जानकारी के मुताबिक बीते दिन अलगाववादी नेताओं एवं आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है. पुलिस ने इसी कड़ी में बडगाम जिले के हैदरपुरा स्थित प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के मुख्यालय को कुर्क कर लिया. आपको बता दें कि हुर्रियत के सबसे बड़े नेता यद अली शाह गिलानी ने 2004 में इसकी स्थापना की थी. तहरीक-ए-हुर्रियत कथित तौर पर कश्मीर और घाटी में अपनी अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है और भारत से अलगाव वाले लोगों का केंद्र रहा है. सैयद गिलानी की 2021 में मौत हो गई थी.

UAPA के तहत की गई कुर्की की कार्रवाई

कुर्की के संबंध में जम्मू और कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि हैदरपुरा स्थित रहमताबाद कार्यालय को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की धारा 25 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है. अगर सील की गई संपत्ति की बात करें तो 1 कनाल, 1 मरला भूमि (खसरा संख्या 946, खाता संख्या 306) पर एक तीन मंजिला इमारत शामिल हैं. अलगाववादी इसका उपयोग प्रतिबंधित संगठन यानी कि हुर्यित के कार्यालय के रूप में कर रहे थे. मिली जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई UAPA के तहत बडगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR संख्या 08/2024 से जुड़ी है. 

राष्ट्र की अखंडता पर नहीं होने दिया जाएगा प्रहार: पुलिस

पुलिस ने बता या कि एकत्र किए गए साक्ष्यों और सक्षम प्राधिकारी से उचित अनुमोदन के बाद कानून के तहत ही संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की गई है. पुलिस ने आगे कहा, "यह कार्रवाई गैरकानूनी एवं विध्वंसक गतिविधियों के खिलाफ जारी जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये खतरों को बेअसर करने और क्षेत्र में शांति बनाये रखने के लिए बडगाम पुलिस के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है." पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कहा कि बडगाम पुलिस आगे भी ऐसी कार्रवाई करती रहेगी. वो अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाती रहेगी.

2023 में लगा था हुर्रियत पर बैन, 2004 में हुआ था विभाजन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2023 में तहरीक-ए-हुर्रियत को एक गैरकानूनी संगठन घोषित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने बैन कर दिया था. इससे पहले करीब 21 साल पहले हुर्रियत के बीच विभाजन हो गया था. 2002 में गिलानी, जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर से इसलिए अलग हो गए थे क्योंकि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की एक पार्टी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, प्रॉक्सी उम्मीदवारों के ज़रिए चुनाव लड़ रही थी और इस पर जमात-ए-इस्लामी ने चुप्पी साध ली थी. इसके बाद 2004 में गिलानी ने अपना नया संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत कश्मीर बना लिया. इसी वजह से हुर्रियत कॉन्फ्रेंस दो हिस्सों में बंट गई.

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