Advertisement

Rana Sanga के अपमान पर भड़के मुसलमानों ने फूंका बाबर का पुतला और सपा को लताड़ा !

जिस मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए राणा सांगा को गद्दार कहा गया अब उन्हीं मुसलमानों ने सपा के साथ-साथ भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखने वाले आक्रांता बाबर के भी विरोध में उतर आए और महादेव की काशी में बाबर का पुतला जलाने के साथ ही राणा सांगा का अपमान करने वालों को भी जमकर लताड़ लगाई !

Rana Sanga के अपमान पर भड़के मुसलमानों ने फूंका बाबर का पुतला और सपा को लताड़ा !

जिस परम प्रतापी वीर राणा सांगा ने शरीर पर लगे अस्सी घावों के बावजूद युद्ध का मैदान नहीं छोड़ा और मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे, उस परम प्रतापी वीर राणा सांगा का अपमान भला कौन कर सकता है? लेकिन बात जब समाजवादी पार्टी की आती है, ऐसा लगता है मुस्लिम वोट बैंक की लालच में सपा इस कदर अंधी हो गई है कि उसे राणा सांगा का सम्मान भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है। इसीलिये सपाई सांसद रामजी लाल सुमन ने मुगलों के हिमायती मुसलमानों को खुश करने के लिए भरी संसद में राणा सांगा को गद्दार कह दिया।

बात यहीं खत्म नहीं हुई, जिस सपाई सांसद ने राणा सांगा को गद्दार कहा, उस सांसद के खिलाफ सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने कोई कार्रवाई करना भी बेहतर नहीं समझा। तो वहीं हैरानी की बात तो ये है कि जिस मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए राणा सांगा को गद्दार कहा गया, अब उन्हीं मुसलमानों ने सपा के साथ-साथ भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखने वाले आक्रांता बाबर के भी विरोध में उतर आए और महादेव की काशी में बाबर का पुतला जलाने के साथ ही राणा सांगा का अपमान करने वालों को भी जमकर लताड़ लगाई।

काशी के विशाल भारत संस्थान नाम के संगठन से जुड़े मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कहा कि हम लोग बाबर और बाबर की नस्लों का विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि बाबर की निशानी भी हिंदुस्तान से मिटा देनी चाहिए।

विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर राजीव श्रीगुरु ने भी समाजवादी पार्टी को इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि बाबर एक धूर्त और मक्कार था, उसने राणा सांगा से मदद मांगी। जब एक विदेशी बाबर को राणा सांगा की मदद देने से इंकार कर दिया, तब खानवा का युद्ध हुआ।

जबसे सपाई सांसद रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा को गद्दार कहा है, सड़क से लेकर संसद तक समाजवादी पार्टी का कुछ इसी तरह से विरोध हो रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सिर्फ इतना कहा कि…

हमारा उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं हो सकता, समाजवादी पार्टी मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल नहीं कर रही, भाजपा ने इतिहास के कुछ विषयों को सदैव राजनीतिक लाभ उठाने के लिए और देश को धार्मिक-जातिगत आधार पर विभाजित करने के लिए इस्तेमाल किया है, हमारे सांसद ने सिर्फ एक पक्षीय लिखे गये इतिहास और एक पक्षीय की गई व्याख्या का उदाहरण देने की कोशिश की है, हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है।

सपा सांसद ने भरी संसद में कहा कि राणा सांगा गद्दार हैं, लेकिन इसके बावजूद अखिलेश यादव अपने सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की बजाय सफाई देते हुए कह रहे हैं कि हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है।


Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें