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'लव जिहाद' का गढ़ बनता जा रहा मध्य प्रदेश? इंदौर-भोपाल टॉप पर, महाकाल नगरी उज्जैन के नंबर जान रह जाएंगे हैरान!

मध्य प्रदेश में लव जिहाद के 283 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से 73 नाबालिग हैं. यह वही क्षेत्र है जहां सिमी जैसे आतंकी संगठनों की जड़ें मजबूत रही हैं.

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09 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:45 AM )
'लव जिहाद' का गढ़ बनता जा रहा मध्य प्रदेश? इंदौर-भोपाल टॉप पर, महाकाल नगरी उज्जैन के नंबर जान रह जाएंगे हैरान!
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मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से लगातार 'लव जिहाद' के मामलों को लेकर बहस जारी है. अब राज्य विधानसभा में इस मुद्दे पर आधिकारिक डेटा पेश किया गया है. जनवरी 2020 से 15 जुलाई 2024 तक प्रदेश में लव जिहाद के 283 मामले दर्ज किए गए हैं. ये सभी मामले मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत दर्ज हुए हैं.

इस जानकारी का खुलासा भाजपा विधायक आशीष गोविंद शर्मा के सवाल के जवाब में हुआ. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछा था कि राज्य में 2020 से अब तक लव जिहाद से जुड़े कितने मामले सामने आए हैं और इनमें से कितनों में रिपोर्ट दर्ज की गई है. सीएम ने जवाब में यह भी बताया कि कितने मामलों में पीड़ितों की उम्र 18 वर्ष से कम है.

कब लागू हुआ कानून?

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 को 27 मार्च 2021 से लागू किया गया था. यह कानून किसी भी तरह के जबरन, प्रलोभन या धोखे से कराए गए धर्म परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार देता है. विशेष रूप से, जहां महिलाएं और नाबालिग लड़कियां पीड़ित होती हैं.

SIT का गठन

इन मामलों की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा 4 मई 2024 को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, ताकि मामलों की जांच प्रभावी और निष्पक्ष ढंग से की जा सके तथा कानून को सख्ती से लागू किया जा सके.

सबसे ज़्यादा मामले कहाँ?

कुल 283 मामलों में से सबसे अधिक: इंदौर में 74 मामले, भोपाल में 33 मामले, यानी इन दोनों शहरों में कुल मामलों का लगभग 40% हिस्सा है. खंडवा और उज्जैन में 12-12 मामले,छतरपुर में 11 मामले दर्ज किए गए हैं.

क्या है सजा का प्रावधान?

धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत: दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल, 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. सामूहिक धर्मांतरण पर भी यह कानून लागू होता है. धर्म परिवर्तन की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देना अनिवार्य है. बिना अनुमति के धर्म परिवर्तन कराने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है.

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