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मौलाना से पढ़वाया कलमा, शीला को बनाया सायबा, फिर आज़म ने तोड़ी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां

शीला का आरोप है कि जून 2020 में आजम एक मौलाना को साथ लेकर आए और उसे धमका कर उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया. मौलाना ने उसे कलमा पढ़वाकर उसका नाम शीला से बदलकर साईबा रख दिया और आजम के साथ निकाह भी करा दिया. इसके बाद, आजम का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. शीला ने कहा कि आजम ने घर में रखी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा और उनके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया.

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12 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:34 AM )
मौलाना से पढ़वाया कलमा, शीला को बनाया सायबा, फिर आज़म ने तोड़ी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां
आरोपी आज़म

हरियाणा के नूंह जिले में एक महिला के जबरन धर्मांतरण और शोषण का मामला सामने आया है. महिला थाना नूंह में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी आजम पुत्र कमरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी हरियाणा के नए धर्मांतरण विरोधी कानून "गैरकानूनी धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम 2022" के तहत नूंह में की गई पहली कार्रवाई मानी जा रही है.

महिला के अवैध धर्म परिवर्तन का मामला

डीएसपी नूंह, पृथ्वी सिंह ने बताया, "यह नूंह कस्बे का मामला है, जिसमें एक महिला का धर्मांतरण और शोषण किया गया. आरोपी ने पहले महिला को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाया और फिर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है और आगे भी यदि अन्य आरोपी सामने आते हैं, तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा."

एसपी राजेश कुमार ने कहा, "यह न केवल धर्मांतरण के खिलाफ बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़िता को न्याय मिले."

महिला ने सुनाई आपबीती 

पीड़िता, शीला उर्फ कंचन, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के धनपुरा गांव की रहने वाली हैं. वह अपने दो बच्चों के साथ नूंह में पिछले कई वर्षों से रह रही थी. 2008 में उनकी शादी छुट्टन नाम की व्यक्ति से हुई थी, जो नूंह में मजदूरी करता था. हालांकि, छुट्टन की नशे की लत और आपराधिक गतिविधियों के कारण उनका पारिवारिक जीवन मुश्किलों में पड़ गया. बाद में छुट्टन एक हत्या के मामले में जेल चला गया और उसने शीला और उनके बच्चों को छोड़ दिया. इसके बाद, शीला अकेले अपने बच्चों का पालन-पोषण मजदूरी करके करती रही.

इसी दौरान, 2020 में शीला की मुलाकात नूंह के रहने वाले आज़म से हुई. शीला के अनुसार, आजम ने शुरुआत में उसकी मदद करने का भरोसा दिया और बच्चों की देखभाल करने का वादा किया. धीरे-धीरे आजम ने उसे अपना प्यार जताया और उसका विश्वास जीत लिया. इसके बाद, आजम ने उसे और बच्चों को नोएडा, फिर पानीपत और बाद में भिवाड़ी ले जाकर किराए के मकान में रखा.

मौलाना ने शीला पढ़वाया कलमा

शीला का आरोप है कि जून 2020 में आजम एक मौलाना को साथ लेकर आए और उसे धमका कर उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया. मौलाना ने उसे कलमा पढ़वाकर उसका नाम शीला से बदलकर साईबा रख दिया और आजम के साथ निकाह भी करा दिया. इसके बाद, आजम का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. शीला ने कहा कि आजम ने घर में रखी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा और उनके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया.

शीला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसे पता चला कि आजम पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं, तो उसने आजम के गांव मालब में जाकर उसके परिवार से संपर्क किया. वहां, आजम की पहली पत्नी और परिजनों ने उस पर हमला कर दिया. किसी तरह जान बचाकर शीला नूंह वापस आई, लेकिन आजम वहीं आकर उसके और बच्चों के साथ रहने लगा.

 

आरोपी आजम पुलिस की गिरफ्तार में

 

पुलिस अधीक्षक, राजेश कुमार के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी आजम को गिरफ्तार कर लिया है. एसपी राजेश कुमार ने बताया कि यह नूंह में धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत पहली गिरफ्तारी है और मामले की गहन जांच जारी है.

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