'हाफिज सईद से मिलने पर मनमोहन सिंह ने किया था धन्यवाद...', JKLF के आतंकवादी यासीन मलिक का बड़ा दावा

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के आतंकवादी यासीन मलिक ने कहा कि मैनें पूर्व पीएम के कहने पर 2006 में पाकिस्तान में 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सहिद से मुलाकात की थी. इतना ही नहीं, इसको लेकर पूर्व पीएम ने मेरा आभार भी व्यक्त किया था.

Author
19 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:26 AM )
'हाफिज सईद से मिलने पर मनमोहन सिंह ने किया था धन्यवाद...', JKLF के आतंकवादी यासीन मलिक का बड़ा दावा
Yasin Malik/Manmohan singh(@amitmalviya)

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के आतंकवादी यासीन मलिक ने एक सनसनीखेज दावा किया है. मलिक ने कहा कि मैनें पूर्व पीएम के कहने पर 2006 में पाकिस्तान में 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सहिद से मुलाकात की थी. इतना ही नहीं, इसको लेकर पूर्व पीएम ने मेरा आभार भी व्यक्त किया था. 

आपको बता दें कि आतंकवादी यासीन मलिकवर्तमान में आंतकी फंडिंग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है. 25 अगस्त को उसने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया. इसमें उसने ऐसा दावा किया कि 2006 में पाकिस्तानी आतंकियों के साथ जो बैठक हुई थी उसमें उसकी अपनी पहल नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान के साथ गुप्त शांति प्रक्रिया को लेकर IB के अधिकारियों ने यह बैठक करने को कहा था.

यासीन मलिक ने IB को लेकर भी किया दावा 

मलिक ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान जाने से पहले उसकी मुलाकात दिल्ली के खुफिया ब्यूरो के तत्कालिक निदेशक वीके जोशी के साथ हुई थी. उस वक्त जोशी ने मलिक से अनुरोध किया था कि पाकिस्तान के राजनेताओं से मिलने के साथ-साथ सईद जैसी कई आतंकवादी हस्तियों से भी बातचीत करें, ताकि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के शांति प्रयासों को मदद मिल सके.

मलिक ने दावा किया कि उसे बताया गया था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तब तक सार्थक नहीं हो सकती जब तक कि आतंकवादी नेताओं को भी बातचीत में शामिल न किया जाए. उन्होंने कहा कि इसी अनुरोध की वजह से वह पाकिस्तान के समारोह में सईद और यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के अन्य नेताओं से मिलने के लिए सहमत हुए थे.

हाफिज साईद से मुलाकात पर यासीन मलिक ने क्या कहा? 

मलिक ने दावा करते हुए ये भी बताया कि उनकी यह मुलाकात कई सालों बाद विवाद का विषय बन गई, क्योंकि मेरी इस मुलाकात को पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों के साथ संबंधों के रूप में पेश किया गया था. जबकि सच्चाई कुछ और थी, बाद में इसे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया.

मनमोहन सिंह से मुलाकात पर यासीन मलिक ने क्या दावा किया? 

मलिक ने बताया कि जब मैं पाकिस्तान से वापस लौटकर वापस आया तो आईबी से डीब्रीफिंग के बाद जोशी ने मुझसे कहा कि मैं प्रधानमंत्री को तुरंत इसकी जानकारी दूं. उसने कहा कि मैंने उसी शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की. मेरी इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एन.के. नारायण भी मौजूद थे, मैंने उन्हें अपनी बैठकों के बारे में जानकारी दी और संभावनाओं से अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने मेरा धन्यवाद किया और आभार भी व्यक्त किया. मलिक ने कहा कि जब मैं प्रधानमंत्री से मिला था, तो उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं आपको कश्मीर में अहिंसक आंदोलन का जनक मानता हूं.

कई सरकारों के संपर्क में था यासीन मलिक!

मलिक ने दावा करते हुए हलफनामे में लिखा कि 1990 में मेरी गिरफ्तारी के बाद देश की लगातार रही 6 सरकारें मेरे संपर्क में रहीं, जिनमें वी.पी. सिंह, चंद्रशेखर, पी.वी. नरसिम्हा राव, एच.डी. देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह शामिल हैं. मलिक ने कहा कि इन सरकारों ने मुझे न सिर्फ कश्मीर के मुद्दे पर बोलने के लिए मंच प्रदान किया बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी बोलने के लिए राजी किया.

अमित मालवीय में सोशल मीडिया पर पोस्ट की तस्वीर

वहीं इस मामले पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लिखा आतंकवाद-वित्तपोषण मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के आतंकवादी यासीन मलिक ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. 25 अगस्त को दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर एक हलफनामे में, मलिक ने कहा:

• उसने 2006 में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से मुलाकात की थी.

• यह मुलाकात उसकी स्वतंत्र पहल नहीं थी, बल्कि वरिष्ठ भारतीय खुफिया अधिकारियों के अनुरोध पर एक गुप्त शांति प्रक्रिया के तहत आयोजित की गई थी.

• मुलाकात के बाद, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने व्यक्तिगत रूप से उसे धन्यवाद दिया और उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की.

यासीन मलिक एक दुर्दांत आतंकवादी है जो वर्दीधारी तीन वायुसेना कर्मियों की गोली मारकर हत्या करने का दोषी है. यह देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के समान है और उसे कानून की पूरी ताकत के अधीन किया जाना चाहिए. अगर ये नए दावे सच हैं, तो ये यूपीए सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा और गुप्त कूटनीति से निपटने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें