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'माझी लाडकी बहिण' योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा, महाराष्ट्र सरकार ने दिए सख्त जांच के आदेश

सरकार ने योजना की जांच और सत्यापन करवाया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. पता चला कि 12,431 पुरुषों को भी इस योजना का पैसा मिल रहा था, जबकि यह योजना सिर्फ महिलाओं के लिए है.

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21 Oct 2025
( Updated: 10 Dec 2025
08:36 AM )
'माझी लाडकी बहिण' योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा, महाराष्ट्र सरकार ने दिए सख्त जांच के आदेश
Source: Devendra Fadnavis (Social Media)

Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार ने जून 2024 में एक खास योजना शुरू की थी जिसका नाम था मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना. इस योजना के तहत राज्य की 21 से 65 साल की महिलाओं को, अगर उनके परिवार की सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से कम है, तो उन्हें हर महीने 1,500 रुपये की मदद मिलती है. इसका मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना था. इस योजना की शुरुआत विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुई थी, और इसे लेकर काफी प्रचार भी किया गया. अगस्त 2024 में सरकार ने प्रचार के लिए 199.81 करोड़ रुपये भी खर्च किए इस समय की सरकार  शिवसेना-भाजपा और अजीत पवार की महायुति को विपक्ष ने इस योजना को "चुनाव से पहले जनता को लुभाने वाला कदम" कहा था.

12,431 पुरुषों और 77,980 अपात्र महिलाओं को मिला पैसा

हाल ही में जब सरकार ने योजना की जांच और सत्यापन करवाया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. पता चला कि 12,431 पुरुषों को भी इस योजना का पैसा मिल रहा था, जबकि यह योजना सिर्फ महिलाओं के लिए है. इसके अलावा 77,980 महिलाएं भी ऐसी पाई गईं जो नियमों के हिसाब से पात्र नहीं थीं. इन सभी को मिलाकर सरकार ने करीब 164.52 करोड़ रुपये गलत तरीके से बांट दिए. पुरुषों को यह पैसा लगभग 13 महीनों तक मिला और महिलाओं को 12 महीनों तक. सरकार ने अब इन सभी को योजना से हटा दिया है और इनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है.

सरकारी कर्मचारी भी योजना का गलत फायदा उठाते मिले

जांच में यह भी सामने आया कि करीब 2,400 सरकारी कर्मचारी भी इस योजना का गलत तरीके से लाभ ले रहे थे. इनमें से कुछ कर्मचारी तो ऐसे विभागों से थे, जिनका महिला कल्याण से कोई सीधा संबंध नहीं है. इन विभागों में कृषि, समाज कल्याण, आदिवासी विकास, आयुर्वेद और जिला परिषदें शामिल हैं. अकेले आयुर्वेद विभाग में 817 कर्मचारी, और जिला परिषदों में 1,183 कर्मचारी योजना से लाभ लेते पकड़े गए. इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है.

एक घर में कई लोगों को लाभ, आमदनी भी ज़्यादा

सरकार को यह भी जानकारी मिली कि कुछ घरों में एक से ज़्यादा सदस्य योजना का लाभ ले रहे थे, जबकि नियम के अनुसार ऐसा नहीं होना चाहिए. साथ ही कई लोगों की सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से अधिक थी, फिर भी उन्होंने योजना के लिए झूठा दावा किया.

कुल कितनी महिलाओं को मिल रहा है लाभ?

इस समय करीब 2.41 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं. इससे सरकार पर हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये का बोझ पड़ रहा है. इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थी होने की वजह से सरकार ने पूरे राज्य में एक भौतिक (जमीनी स्तर पर) जांच शुरू की है, ताकि यह तय किया जा सके कि कौन वाकई में पात्र है और कौन नहीं.

क्या कहती हैं महिला बाल विकास मंत्री?

राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने अगस्त 2025 में एक पोस्ट में बताया था कि अभी तक की जांच में करीब 26 लाख लाभार्थी ऐसे पाए गए हैं, जो शायद इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं. इस आंकड़े के आधार पर सभी जिलों में जमीनी जांच की जा रही है. उन्होंने यह भी साफ किया कि जिन लोगों को गलत तरीके से पैसा मिला है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं जिन महिलाओं की पात्रता तय हो चुकी है, उन्हें योजना का लाभ मिलता रहेगा.

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