Maha Kumbh: तीसरा अमृत स्नान सफल कराने के बाद बोले Yogi- तत्राभिषेकं यः कुर्यात् संगमे संशितव्रतः।

Prayagraj: मौनी अमावस्या पर हुए हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन ने बसंत पंचमी पर सफलतापूर्वक संपन्न कराया अमृत स्नान तो रात तीन बजे तक जागते रहे योगी ने क्या कहा ?

Maha Kumbh: तीसरा अमृत स्नान सफल कराने के बाद बोले Yogi- तत्राभिषेकं यः कुर्यात् संगमे संशितव्रतः।
तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं का सैलाब लगातार बढ़ता ही जा रहा था कि 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन एक हादसे में तीस लोगों की जान चली गई। जिसके बाद नौबत यहां तक आ गई कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जैसे शंकराचार्य भी किसी विपक्षी नेता की तरह सीएम योगी का इस्तीफा मांगने लगे। तो वहीं दूसरी तरफ यहां तक कहा जाने लगा कि इस हादसे के बाद महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के सैलाब में एक ठहराव आ जाएगा। और लोग महाकुंभ से मुंह मोड़ने लगेंगे। लेकिन 3 फरवरी को जब अमृत स्नान हुआ तो इस स्नान में श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब आया कि विरोधियों की आंखें भी फटी की फटी रह गईं। क्योंकि उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ इस बार महाकुंभ में आई। और सबसे बड़ी बात ये रही कि सरकार ने बड़ी ही सफलता के साथ बसंत पंचमी के अमृत स्नान को संपन्न भी कराया। जिसके बाद। खुद सीएम योगी ने महाकुंभ की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा।
तत्राभिषेकं यः कुर्यात् संगमे संशितव्रतः। तुल्यं फलमवाप्नोति राजसूयाश्वमेधयोः॥

यानि जो कठोर व्रतों के संगम पर अभिषेक करता है, उसे राजसूय और अश्वमेध के समान फल मिलता है।


संगम में उमड़े श्रद्धालुओं के भारी सैलाब के बावजूद बसंत पंचमी का अमृत स्नान सफल हुआ। तो इसकी सबसे बड़ी वजह सीएम योगी के साथ साथ पुलिस प्रशासन था। क्योंकि एक तरफ जहां मैदान में पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला हुआ था। तो वहीं दूसरी तरफ सीएम योगी भी रात से ही मोर्चा संभाले हुए थे। और भोर में तीन बजे कंट्रोल रूम से महाकुंभ की व्यवस्था पर बारीक नजर रखते हुए उनकी एक तस्वीर भी सामने आई।

जब सूबे का राजा खुद अपनी प्रजा के लिए रात रात भर जाग कर महाकुंभ पर पल पल की नजर बनाए रखा हो तो आप समझ सकते हैं कि मैदान पर पुलिस प्रशासन कितना मुस्तैद रहा होगा।शायद यही वजह है कि भगदड़ के महज छ दिन बाद ही बसंत पंचमी पर हुआ भव्य अमृत स्नान भी सफलता पूर्वक संपन्न हो गया। और चार करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई।

मौनी अमावस्या पर हुए हादसे के बाद जिस तरह से एक शंकराचार्य होने के बावजूद किसी नेता की तरह योगी का इस्तीफा मांग रहे थे।उन्हें कम से कम बसंत पंचमी पर सफलतापूर्वक संपन्न हुए अमृत स्नान से योगी की ताकत का अहसास हो गया होगा। तो वहीं आपको बता दें। महाकुंभ में पधारे नागा साधुओं के लिए तीन अमृत स्नान अहम थे। मकर संक्राति। मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी। और तीनों ही स्नान संपन्न हो गये। अब तमाम नागा साधु और अखाड़े धीरे धीरे अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करना शुरू कर देंगे। तो वहीं माघ में संगम में स्नान को प्राथमिकता देने वाले श्रद्धालु भी 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के दिन संगम में डुबकी लगा कर लौट जाएंगे। हालांकि इसके बावजूद 26 फरवरी यानि महा शिवरात्रि तक श्रद्धालुओं का प्रयागराज आना लगा रहेगा। क्योंकि महाकुंभ का आखिरी स्नान 26 फरवरी को है। बहरहाल मौनी अमावस्या पर हुए हादसे को छोड़ दिया जाए तो जिस तरह से योगी सरकार महाकुंभ को संपन्न कराने में लगी हुई है। 

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