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लेह हिंसा मामले में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक गिरफ्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हुई गिरफ्तारी

लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को आज गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके खिलाफ ये एक्शन लेह हिंसा के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हुआ है.

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26 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:24 AM )
लेह हिंसा मामले में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक गिरफ्तार, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हुई गिरफ्तारी

लेह-लद्दाख में बीते दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी. जबकि करीब 70 लोग घायल हुए थे. सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हुई है. 

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक गिरफ्तार 

सोनम वांगचुक को डीजीपी एसडी सिंह जामवाल के नेतृत्व में लद्दाख पुलिस की एक टीम ने गिरफ़्तार किया है. वांगचुक की गिरफ़्तारी के बाद एहतियात के तौर पर लेह में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दी गई है. साथ ही ब्रॉडबैंड की स्पीड कम कर दी गई है.

लेह जिला मजिस्ट्रेट ने 2 दिन के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया. क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लेह के अलावा कारगिल सहित अन्य शहरों में भी धारा 144 लागू कर दी गई. उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने हाईलेवल सुरक्षा बैठक की और हिंसा की घटनाओं को षड्यंत्र का नतीजा बताते हुए सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए.

लेह हिंसा में फूंक दी बीजेपी दफ्तर 

बीते दिनों लेह लद्दाख में भारी हिंसा हुई थी. आक्रोशित लोगों ने लद्दाख में भारी तोड़-फोड़ और आगजनी की थी. प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी दफ्तर को भी फूंक दिया था. इस हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार को लद्दाख के एक्टिविस्‍ट सोनम वांगचुक के NGO- स्‍टूडेंट्स एजुकेशन एंड कल्‍चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) को मिलने वाले विदेशी फंड से जुड़ा लाइसेंस कैंसिल कर दिया था. अब सोमन वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पूर्व सैनिक समेत युवा बने निशाना

लेह में 24 सितंबर को हिंसा तब भड़की थी जब सोनम वांगचुक के समर्थन में युवा संगठनों ने बंद रखा था. मरने वालों में लेह का स्थानीय निवासी कोई नहीं है. एक व्यक्ति लेह से 160 किलोमीटर दूर हनु गांव का था. दूसरा लद्दाख की राजधानी से 200 किलोमीटर दूर स्कुर बुचन का था. इसके अलावा अन्य दो क्रमशः लगभग 40 किलोमीटर और सात किलोमीटर दूर इगू गांव और खरनाकलिंग के निवासी थे. 

मृतकों में खरनाकलिंग के जिग्मेट दोरजय (25), इगू के स्टैनजिन नामग्याल (23) के रूप में हुई है. इसके अलावा रिनचेन दादुल (20) हनु और बुचन निवासी त्सावांग थारचिन (46) शामिल हैं. सूत्रों के अनुसार थारचिन एक पूर्व सैनिक थे. नामग्याल के एक परिवार के सदस्य ने बताया कि वह लेह में पढ़ाई कर रहे थे और हाल ही में एक ट्रैवल एजेंसी में काम करना शुरू किया था. हिंसा में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

 

 

 

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