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माफियाओं की करोड़ों की ज़मीन ज़ब्त, मुख्यमंत्री के फ़ैसले से हड़कंप

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने माफियाओं की ज़मीन को ज़ब्त करने का आदेश क्या जारी किया, माफियाओं में हड़कंप मच गया। देखिये उत्तराखंड से जुड़ ये बड़ी ख़बर।

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09 Dec 2024
( Updated: 09 Dec 2025
06:27 AM )
माफियाओं की करोड़ों की ज़मीन ज़ब्त, मुख्यमंत्री के फ़ैसले से हड़कंप
उत्तरप्रदेश के बाद उत्तराखंड में भी माफियाओं की कमर तोड़ने का काम शुरू हो गया है। जी हां, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़क तेवर दिखाते हुए साफ़ कह दिया है कि जो भी उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बिगाड़ने की कोशिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। जो भी ज़मीनों को हड़पेगा उसकी पूरी ज़मीन को ज़ब्त कर लिया जाएगा। सीएम के इस आदेश का मतलब साफ है कि कोई भी प्रदेश में गुंडागर्दी करने की भूल ना करे, कोई भी प्रदेश का मूल स्वरूप बिगाड़ने का काम ना करे नहीं तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।


शुक्रवार को मल्लिकार्जुन स्कूल के नई बिल्डिंग का अनावरण करते हुए सीएम धामी ने ये बात कही। सीएम धामी ने कहा- " राज्य का मूल स्वरूप बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार सशक्त भू-कानून लाने को प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ समय में पुराने कानून से जिस तरह भू-माफियाओं पर नकेल कसी गई है उससे माफिया सहमे हुए हैं। अनुमति के विपरीत भू-उपयोग करने वालों की जमीन को सरकार जब्त करेगी"। 

आपको बता दें प्रदेश में भू क़ानून बनाये जाने की लगातार मांग उठ रही है। ऐसे में सरकार ने इसका रास्ता भी जनता के बीच से ही चुनने का फ़ैसला किया है। इसका मतलब ये है कि जनता के हिसाब से ही नया भू क़ानून लाया जाएगा। ऐसे में सुझाव देने के लिए आम जनता के रास्ते खोल दिये गये हैं। प्रदेश की जनता डीएम की मदद से अपने सुझाव भेज सकती है। धामी सरकार पहले से ही कई ऐतिहासिक कदम अब तक राज्य में उठा चुकी है और अब एक फ़ैसला लेकर माफियाओं को बर्बाद करने का मन भी बना लिया है।

सीएम धामी ने ख़ुद बताया कि " 2.5 साल में 19 हज़ार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न करवाकर रोज़गार देने का काम किया है। नक़ल विरोधी क़ानून, समान नागरिका संहिता, सतत विकास लक्ष्य, बेरोज़गारी दर का भी कम हुई है "। 

सीएम धामी ने आगे ये भी कहा कि " प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा दिलाना सरकार का उद्देश्य है। बच्चे की प्राथमिक शिक्षा माता पिता से शुरू होती है, स्कूल पाठ्यक्रम के साथ संस्कार और व्यक्तित्व विकास की शिक्षा देते हैं "।

बहरहाल, इसमें तो कोई दो राय नहीं कि राज्य की धामी सरकार बेहतर नहीं बेहतरीन काम कर रही है, देखना दिलचस्प रहेगा आने वाले वक़्त में कौन कौन से बड़े फ़ैसले लिये जाते हैं ? 

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