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कुणाल का विवादों से रहा है गहरा नाता, अंबानी, पीएम, सलमान खान का भी उड़ा चुके है मज़ाक़, जानिए कामरा के कुछ विवादित किस्से

कॉमेडियन कुणाल कामरा ने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया। इसे लेकर अब बवाल मचा है। सीएम फडनविस इस मामले पर काफ़ी सख़्त नज़र आ रहें है।

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24 Mar 2025
( Updated: 11 Dec 2025
12:05 AM )
कुणाल का विवादों से रहा है गहरा नाता, अंबानी, पीएम, सलमान खान का भी उड़ा चुके है मज़ाक़, जानिए कामरा के कुछ विवादित किस्से

समय रैना के बाद अब एक और कॉमेडियन विवादों में है। नाम है कुणाल कामरा। कुणाल कामरा विवादों में घिरे हुए हैं। और उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। दरअसल कॉमेडियन कुणाल कामरा ने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया, वीडियो का टाइटल 'नया भारत' है। इस शो में वो राजनीति पर चुटकी लेते नज़र रहे हैं। उन्होंने देश के उद्योगपति अंबानी से लेकर प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह तक पर निशाना साधा है। इनके अलावा उन्होंने अपने एक गान में महारष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' बताया, राज्य की बदलती राजनीति पर भी तंज कसा। अब इसी वीडियो को लेकर ह़कंप मचा हुआ अब इस पर बवाल हो रहा है। गुस्साए शिवसैनिकों ने तो उनके दफ्तर में तोड़फोड़ भी की और पुलिस कार्रवाई की मांग की। 35 से ज्यादा वर्कर्स और कुणाल पर मामला दर्ज हो चुका है। ये पहला मौका नहीं है, जब कुणाल विवादों में फंसे हों। इससे पहले भी उनकी जुबान फिसल चुकी है।


सलमान खान का उड़ाया था मज़ाक़

कुणाल कामरा जो कि एक स्टैंअप कॉमेडियन है। उन्होंने अपने एक शो के दौरान बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान पर मज़ाक़ किया था। इस मज़ाक़ ने भी विवाद खड़ा कर दिया था। ख़बर आई थी कि सलमान कुणाल के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा करेंगे, बावजूद इसके कुणाल ने माफ़ी नहीं माँगी थी। कुणाल ने सलमान के दो बड़े कानूनी मामलों पर चुटकी ली थी। पहला 1998 का काला हिरण शिकार मामला और दूसरा 2002 का हिट एंड रन केस।


CJI पर भी किया था विवादित ट्वीट

साल 2020 की बात है जब कुणाल ने सोशल मीडिया साईट X पर जेल के तत्कालीन Chief Justice of India शरद अरविंद बोबडे का मजाक उड़ाया था। उन्होंने ट्वीटर पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि इनमें से एक उंगली सीजेआई बोबडे के लिए है...ठीक है, मैं आपको भ्रमित नहीं करना चाहता, यह बीच वाली है।' कॉमेडियन की ये पोस्ट सुप्रीम कोर्ट द्वारा साल 2018 के आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जर्नलिस्ट अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत दिए जाने के बाद आई थी।


एयरलाइन ने किया था 6 महीने तक बैन 

साल 2020 की ही बात है जब कुणाल कामरा ने मुंबई-लखनऊ इंडिगो फ्लाइट में रिपब्लिक टीवी के संस्थापक अर्नब गोस्वामी का एक वीडियो शेयर किया था। अपने ट्विटर अकाउंट (अब एक्स) पर पोस्ट किए गए दो मिनट के वीडियो में कुणाल को अर्नब से कहते सुने जा सकते हैं, 'मैं कायर अर्नब से उनकी पत्रकारिता के बारे में पूछ रहा हूं और वे ठीक वही कर रहे हैं, जिसकी मुझे उनसे उम्मीद थी।' इस पूरे मामले में अर्नब ने कुछ भी नहीं कहा था। वीडियो के वायरल होने के बाद हलचल मच गई। कांग्रेसी शंख थरूर ने कुणाल का समर्थन किया था। उस समय के नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य लोगों ने कुणाल के इस व्यवहार को 'आपत्तिजनक' बताया। जांच हुई और फिर एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने 6 महीने का बैन लगा दिया था। इंडिगो के अलावा एयर इंडिया, स्पाइसजेट और गोएयर सहित अन्य एयरलाइनों ने भी कामरा पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाए। कामरा का कृत लेवल 1 का अपराध बताया गया था। पर बाद में प्रतिबंध को घटाकर 3 महीने का कर दिया गया।


OLA के CEO भाविक अग्रवाल से भी पंगा

अब बताते है कुणाल बनाम भाविश की कहानी। दरअसल सोशल मीडिया पर OLA के CEO भाविक अग्रवाल कूी कुणाल ने आलोचना की थी। उन्होंने OLA से हो रही लोगों के परेशानियों कता ज़िक्र करते हुए कंपनी पर बड़ा हमला बोला था। 


एडिटेड वीडियो से पैदा किया विवाद

2020 में मई की ही बात है जब कुणाल कामरा विवादों में आ गए थे, उन्होंने जर्मनी की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गाते हुए 7 साल के लड़के का एडिटेड वीडियो शेयर किया था। इस क्लिप में उन्होंने गाने को रिप्लेस कर दिया था। कामरा ने 'हे जन्मभूमि भारत' को फिल्म 'पीपली लाइव' के फेमस गाने 'महंगाई डायन खाए जात है' से बदल दिया था। इस हरकत से लड़के के पिता ने कुणाल की आलोचना की थी। और कहा था कि उनके बच्चे को अपनी 'गंदी राजनीति' से दूर रखे। इसपर कुणाल ने जवाब देते हुए कहा था कि वह बच्चे का मजाक नहीं उड़ा रहे थे। मामले पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया साथ ही ट्विटर और दिल्ली पुलिस से ट्वीट हटाने को भी कहा।


ये तो कुछ ही मामले है। ऐसे कई केस है जिनकी वजह से कुणाल कामरा लाइमलाइट में आए और खूब विवाद हुआ। अभी जिस वीडियो पर विवाद हो रहा है उसके बारे में भी आपको बता देते है। दरअसल कुणाल कामरा ने अपने सोशल मीडिया साइट X पर एक वीडियो में से 2 मिनट का एक क्लिप शेयर किया है। इसमें कुणाल कह रहे हैं, 'जो इन्होंने महाराष्ट्र के इलेक्शन से किया है ना भाईसाहब, बोलना पड़ेगा। यहां पर इन्होंने पहले क्या किया। शिवसेना बीजेपी से बाहर आ गई। फिर शिवसेना शिवसेना से बाहर आ गई। एनसीपी एनसीपी से बाहर आ गई। एक वोटर को 9 बटन दे दिए। सब कंफ्यूज हो गए। चालू एक जन ने किया था। वो मुंबई में एक बहुत बढ़िया डिस्ट्रिक्ट है, वहां से आते हैं...।' इसके बाद कुणाल शाहरुख खान की फिल्म 'दिल तो पागल है' का टाइटल ट्रैक गाते हैं, लेकिन इसके बोल हैं, 'थाने की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा हाय... थाने की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों में चश्मा हाय... एक झलक दिखलाए कभी गुवाहाटी में छिप जाए। मेरी नजर से तुम देखो, गद्दार नजर वो आए! मंत्री नहीं वो दलबदलू है, और कहा क्या जाए? जिस थाली में खाए, उसमें ही छेद कर जाए। मंत्रालय से ज्यादा, फणनवीस की गोदी में मिल जाए। तीर कमान मिला है इसको, बाप मेरा ये चाहे।' अब इसी गाने पर बवाल मच गया। जहां विपक्ष Freedom of Speech का हवाला देकर कुणाल के समर्थन में खड़ा है तो वहीं सत्ता पक्ष कामरा का पुरजोर विरोध कर रही है। सीएम देवेंद्र फडनविस ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘स्टैंड-अप कॉमेडी करने की आज़ादी है, लेकिन वह जो चाहे बोल नहीं सकता। महाराष्ट्र की जनता ने तय कर लिया है कि गद्दार कौन है। कुणाल कामरा को माफ़ी मांगनी चाहिए। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कॉमेडी करने का अधिकार है, लेकिन अगर यह जानबूझकर हमारे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है, तो यह सही नहीं है। कुणाल कामरा ने राहुल गांधी द्वारा दिखाई गई वही लाल संविधान की किताब पोस्ट की है। दोनों ने संविधान नहीं पढ़ा है। संविधान हमें अभिव्यक्ति की आज़ादी देता है, लेकिन इसकी सीमाएँ हैं। लोगों ने 2024 के विधानसभा चुनावों में हमें वोट दिया और समर्थन दिया। जो देशद्रोही थे, उन्हें लोगों ने घर भेज दिया। बालासाहेब ठाकरे के जनादेश और विचारधारा का अपमान करने वालों को लोगों ने उनकी जगह दिखा दी। कोई हास्य पैदा कर सकता है, लेकिन अपमानजनक बयान देना स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोई दूसरों की स्वतंत्रता और विचारधारा का अतिक्रमण नहीं कर सकता। इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता।’ 

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