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'EVM और मतपर्चियां सुरक्षित रखें...' DUSU अध्यक्ष पद चुनाव को चुनौती पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने DUSU अध्यक्ष पद के चुनाव में EVM से छेड़छाड़ के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया है. अदालत ने निर्देश दिया है कि चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM, पर्चियां और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं.

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22 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:45 AM )
'EVM और मतपर्चियां सुरक्षित रखें...' DUSU अध्यक्ष पद चुनाव को चुनौती पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
High Court of Delhi

दिल्ली हाईकोर्ट ने DUSU अध्यक्ष पद के चुनाव में EVM से छेड़छाड़ के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया है. अदालत ने निर्देश दिया है कि चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM, पर्चियां और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं.

यह याचिका NSUI की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार जोसलिन नंदिता चौधरी और DUSU के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने दायर की है. उनका आरोप है कि 18 सितंबर को हुए मतदान में EVM से छेड़छाड़ हुई, जिससे नतीजों में गड़बड़ी हुई. याचिकाकर्ताओं ने चुनाव रद्द कर न्यायिक निगरानी में दोबारा मतदान कराने की मांग की है.

क्यों जारी किया गया नोटिस?

दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से अधिवक्ता मोहिंदर रूपल ने अदालत में दलील दी कि चुनाव में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई, केवल किसी ने अंगूठे का निशान लगाया था. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि यह रिट याचिका EVM में कथित छेड़छाड़ के आधार पर अध्यक्ष पद का चुनाव रद्द करने की मांग से जुड़ी है और इस पर नोटिस जारी कर दिया.

‘EVM, मतपर्चियां और अन्य संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे’ 

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि याचिका में अनियमितताओं के आरोप तो लगाए गए हैं, लेकिन अध्यक्ष पद के विजयी उम्मीदवार को पक्षकार नहीं बनाया गया है. साथ ही, दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव आयुक्त को निर्देश दिया गया कि EVM, मतपर्चियां और अन्य संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं. याचिका में दावा किया गया है कि कई कॉलेजों में मतदान के दौरान गंभीर गड़बड़ियां हुईं.

16 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

याचिका में आरोप लगाया गया है कि EVM पर जानबूझकर ABVP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के नाम के सामने नीली स्याही से निशान लगाए गए थे, जो मशीन के पास जाने वाले हर मतदाता को साफ़ दिखाई दे रहे थे. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाताओं को एक खास उम्मीदवार के पक्ष में प्रभावित करना था. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है.

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