ज्योतिरादित्य सिंधिया से कम नहीं बेटे महाआर्यमान के ठाठ-बाट! 4 हजार करोड़ का महल, 560 किलो सोना, इस मामले में पिता को भी पीछे छोड़ा
पिता और दादा के नक्श ए कदम पर चलते हुए क्रिकेट की पिच से महाआर्यमन ने सियासी पारी शुरू कर दी है. सिंधिया राजवंश के युवराज होने के साथ-साथ महाआर्यमन ने अपनी अलग पेशेवर पहचान भी बनाई है.
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन इन दिनों सुर्खियों में हैं. मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर हाल ही में उनकी ताजपोशी हुई है. पिता और दादा के नक्श ए कदम पर चलते हुए क्रिकेट की पिच से महाआर्यमन ने सियासी पारी शुरू कर दी है. अमेरिका के टॉप कॉलेज से पढ़ाई करने वाले महाआर्यमन राजसी ठाठ-बाट में पिता से कम नहीं है. चलिए जानते हैं महाआर्यमन की कुल संपत्ति और उनके करियर के बारे में सब कुछ
महाआर्यमन मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के नए बॉस बन गए हैं. इस खास मौके पर पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी बेटे के साथ मौजूद रहे. महाआर्यमन MPCA के इकलौते दावेदार थे इसलिए उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया.
(बेटे महाआर्यमन के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया)
महाआर्यमन ने दादा और पिता का कौनसा रिकॉर्ड तोड़ा?
दिलचस्प बात ये है कि महाआर्यमन MPCA के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष चुने गए हैं. इससे पहले पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 35 साल की उम्र में MPCA अध्यक्ष का पद संभाला था, जबकि दादा माधवराव सिंधिया 37 साल की उम्र में MPCA के अध्यक्ष चुने गए थे. महाआर्यमन दोनों का रिकॉर्ड़ तोड़ते हुए महज 29 साल की उम्र में MPCA के अध्यक्ष पद पर काबिज हुए हैं
महाआर्यमन ने कहां से की पढ़ाई?
17 नबंवर 1995 को जन्में महाआर्यमन सिंधिया की शुरुआती पढ़ाई देहरादून के दून स्कूल में हुई. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका चले गए. यहां उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस एंड गवर्नमेंट में बैचलर डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में इंटरनेशनल रिलेशंस और अफेयर्स की पढ़ाई भी की. महाआर्यमन सिंधिया को मध्य प्रदेश में उन्हें युवराज भी कहा जाता है.
महाआर्यमन ने इन सेक्टर में की नौकरी
महाआर्यमन की पेशेवर यात्रा पर नजर डालें तो साल 2014 में उन्होंने भूटान के ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस सेंटर में इंटर्नशिप से करियर शुरु किया था. इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली के वित्त मंत्रालय, लंदन की क्रिस्टीज़, UIDAI (नई दिल्ली), सॉफ्टबैंक और न्यूयॉर्क की मैक्रो एडवाइजरी पार्टनर्स में इंटर्नशिप की थी.
2019 से 2021 तक महाआर्यमन मुंबई में बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) में एसोसिएट के रूप में कार्यरत रहे. इसके अलावा उन्होंने अंडरसाउंड्स एंटरटेनमेंट और जय विलास पैलेस (2021–2024) के निदेशक के रूप में भी काम किया. 2022 में उन्होंने कुबेर AI लॉन्च किया और 2024 में इथारा AI की स्थापना की.
महाआर्यमन के स्टार्टअप में रतन टाटा ने भी किया था निवेश
साल 2022 में महाआर्यमन ने अपने साथी के साथ मिलकर स्टार्टअप मायमंडी की स्थापना की. जो ऑनलाइन ताज़ी फल और सब्ज़ियां सप्लाई करने वाला स्टार्टअप है. मार्च 2024 तक इसने 2.33 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू हासिल किया. कंपनी की वैल्यू लगभग 8.12 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई. इसे रियल टाइम एक्सीलरेटर फंड और लेट्सवेंचर से 2.06 मिलियन डॉलर की फंडिंग भी मिली. रतन टाटा भी इसके निवेशकों में शामिल रहे हैं.
#WATCH | Indore | On his unopposed election as President of Madhya Pradesh Cricket Association, Mahanaaryaman Rao Scindia says, "I thank everyone for giving this responsibility to me. It is also an emotional moment for me because my family has always placed great importance on… pic.twitter.com/nb6iXSc5pk
— ANI (@ANI) September 2, 2025
क्रिकेट की पिच से कैसे शुरू हुआ सियासी सफर?
2022 में महाआर्यमन ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (GDCA) के उपाध्यक्ष बने. इसी साल उन्हें MPCA की लाइफटाइम सदस्यता भी मिली. साल 2024 में उन्होंने मध्यप्रदेश T20 लीग की शुरुआत की. इसके बाद 2025 में उन्हें MPCA का अध्यक्ष चुना गया है.
(Photo- सोशल मीडिया)
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कितनी संपत्ति के मालिक हैं महाआर्यमन सिंधिया? सिंधिया परिवार ग्वालियर के जय विलास पैलेस में रहता है, जिसकी अनुमानित कीमत 4,000 करोड़ रुपये है. 15 एकड़ में फैले इस महल में 400 से ज्यादा कमरे हैं. इसमें 560 किलो सोना, फ्रेंच और फारसी कलाकृतियां, चांदी के रथ और चांदी की ट्रेन भी है. महाआर्यमन ने इंटरनेशनल एजुकेशन, व्यवसायिक पहल और अब क्रिकेट प्रशासन में नेतृत्व के साथ अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया है. साथ-साथ अपनी अलग पहचान भी बनाई है.
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