Advertisement

राज्यसभा में जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला, जॉर्ज सोरोस से संबंध पर उठाए सवाल

राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जॉर्ज सोरोस के साथ संबंध होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने इसे भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया। भाजपा का कहना है कि सोरोस भारत-विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देते हैं, और कांग्रेस उनकी भाषा बोल रही है।

Author
11 Dec 2024
( Updated: 10 Dec 2025
03:18 PM )
राज्यसभा में जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला, जॉर्ज सोरोस से संबंध पर उठाए सवाल
भारत की राजनीति में संसद का शीतकालीन सत्र हमेशा ही गरमागरम बहसों और विवादों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस बार, शीतकालीन सत्र के 12वें दिन राज्यसभा में एक ऐसा मुद्दा उठा जिसने न केवल सदन का माहौल गरमाया, बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह मुद्दा था जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस के कथित संबंधों का। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे भारत की आंतरिक सुरक्षा से जोड़ दिया।
सोरोस कौन हैं और विवाद क्यों?
जॉर्ज सोरोस, एक अमेरिकी अरबपति और समाजसेवी, जिन्हें उनकी ‘ओपन सोसाइटी फाउंडेशन’ के जरिए दुनियाभर में लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। लेकिन भारत में उनका नाम विवादों में घिरा हुआ है। भाजपा का आरोप है कि सोरोस भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं और उनकी फंडिंग भारत में अस्थिरता पैदा करने के लिए उपयोग हो रही है। सोरोस ने पहले भी भारत में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की आलोचना की है। उनके इन बयानों को भारतीय जनता पार्टी ने भारत-विरोधी करार दिया है।
जेपी नड्डा का आरोप
राज्यसभा में बहस के दौरान जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर सवाल दागा, "कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि उनका जॉर्ज सोरोस से क्या रिश्ता है। यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा का मामला है।" उन्होंने कहा कि सोरोस जैसे लोग भारत में अस्थिरता लाने के लिए धन और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं, और कांग्रेस पर उनके साथ मिलीभगत के आरोप लगाए।

नड्डा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी लोकतांत्रिक मूल्यों और संसद की गरिमा का सम्मान नहीं किया। उन्होंने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया कि विपक्ष, सोरोस मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव जैसे कदम उठा रहा है। जेपी नड्डा के इन आरोपों के बाद राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। सभापति जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए विपक्ष द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पहले से ही सदन में गरमा-गरमी थी। जैसे ही केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बोलना शुरू किया, विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा, "जो लोग जॉर्ज सोरोस की भाषा बोलते हैं, वे भारत के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं।" इस बीच, विपक्षी सदस्यों ने भी भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। भारी हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के कुछ संगठनों को जॉर्ज सोरोस की ओर से फंडिंग मिली है। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और इसे भाजपा की रणनीति करार दिया। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसे मुद्दे उठा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "यह सब भाजपा का ध्यान भटकाने का तरीका है। देश के असली मुद्दों—जैसे बेरोजगारी, महंगाई, और किसानों की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।"
आंतरिक सुरक्षा का सवाल
जेपी नड्डा ने इस मुद्दे को भारत की आंतरिक सुरक्षा से जोड़कर गंभीरता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि विदेशी ताकतों का भारतीय राजनीति में हस्तक्षेप देश के लिए खतरा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में विस्तृत जांच करे और जनता को सच्चाई बताए। यह विवाद 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गहमागहमी को और बढ़ा सकता है। भाजपा कांग्रेस पर राष्ट्र-विरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस भाजपा को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम करने वाली पार्टी कह रही है।

इस मुद्दे ने भारत की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है—क्या विदेशी फंडिंग और ताकतें भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा हैं? यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला कैसे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर असर डालता है।

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें