झारखंड: लातेहार में जेजेएमपी के सब-जोनल कमांडर लवलेश गंझू ने किया सरेंडर, पुलिस ने दिया 5 लाख रुपये का चेक

संगठन के सुप्रीमो पप्पू लोहरा दो माह पहले मुठभेड़ में मारा गया था. उसके बाद लवलेश गंझू ही संगठन का आखिरी बड़ा नक्सली बचा था. लगातार पुलिस की सख्त कार्रवाई और दबाव के कारण, वह अब संगठन से अलग होकर भागते-फिरते अंततः आत्मसमर्पण करने को मजबूर हो गया.

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15 Jul 2025
( Updated: 10 Dec 2025
07:09 AM )
झारखंड: लातेहार में जेजेएमपी के सब-जोनल कमांडर लवलेश गंझू ने किया सरेंडर, पुलिस ने दिया 5 लाख रुपये का चेक

झारखंड में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के पांच लाख रुपए के इनामी कमांडर लवलेश गंझू ने मंगलवार को लातेहार पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. इस मौके पर पलामू जोनल आईजी सुनील भास्कर, एसपी कुमार गौरव और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. 

लवलेश गंझू ने पुलिस के सामने किया सरेंडर 

लवलेश के खिलाफ लातेहार सहित आसपास के कई इलाकों में संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं. कई बार वह पुलिस से छिपने में सफल रहा, लेकिन लगातार छापेमारी और अभियान ने उसे घेर लिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लवलेश ने अन्य के नाम पर एक वाहन भी खरीदा था, लेकिन आर्थिक तंगी और संगठन की कमजोर स्थिति के चलते वह अंततः सरेंडर करने को राजी हुआ.

पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते लवलेश ने किया आत्मसमर्पण 

इससे पहले 18 जून को जेजेएमपी के एरिया कमांडर बैजनाथ सिंह ने भी डीआईजी नौशाद आलम, एसपी कुमार गौरव और कमांडेंट राकेश कुमार की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया था. बैजनाथ सिंह मनिका थाना क्षेत्र के शैलदाग गांव के निवासी हैं और कई वर्षों से नक्सली गतिविधियों में शामिल थे. पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने जेजेएमपी के कई शीर्ष नक्सली कमांडरों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है.

मुठभेड़ में मारा गया था संगठन का सुप्रीमो पप्पू लोहरा 

संगठन के सुप्रीमो पप्पू लोहरा दो माह पहले मुठभेड़ में मारा गया था. उसके बाद लवलेश गंझू ही संगठन का आखिरी बड़ा नक्सली बचा था. लगातार पुलिस की सख्त कार्रवाई और दबाव के कारण, वह अब संगठन से अलग होकर भागते-फिरते अंततः आत्मसमर्पण करने को मजबूर हो गया.

इसके पहले अप्रैल महीने में छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला के रहने वाले नक्सली अमरजीत बृजिया और मिथलेश कोरबा ने भी लातेहार जिला पुलिस और सीआरपीएफ अफसरों के समक्ष सरेंडर किया था. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें कानून के तहत सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि जो हथियार छोड़कर वापस नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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