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एयर डिफेंस सेक्टर में भारत का 'धमाकेदार' आगाज! अगले साल से देश में शुरू होगा स्वदेशी 'फाइटर जेट' का उत्पादन, रक्षा मंत्री ने बताया पूरा प्लान

एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा है कि 'अगले साल की शुरुआत से ही स्वदेशी फाइटर जेट इंजन के उत्पादन को शुरू करने की पूरी संभावना है.' हालांकि, अभी तक इसमें क्यों देरी हुई? इसके पीछे की वजहों को भी उन्होंने बताया.

एयर डिफेंस सेक्टर में भारत का 'धमाकेदार' आगाज! अगले साल से देश में शुरू होगा स्वदेशी 'फाइटर जेट' का उत्पादन, रक्षा मंत्री ने बताया पूरा प्लान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के अभियान पर बड़ा बयान दिया है. देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनाने को लेकर शुक्रवार को उन्होंने कहा कि अगले साल की शुरुआत से ही भारत में स्वदेशी फाइटर जेट इंजन का उत्पादन शुरू होने की पूरी संभावना है. भारतीय वायुसेना को अपने बेड़े में जल्द से जल्द और ज्यादा से ज्यादा फाइटर जेट शामिल करने की आवश्यकता है. एक न्यूज़ चैनल से इंटरव्यू के दौरान रक्षा मंत्री ने बताया कि इसके लिए कई कंपनियों से बातचीत चल रही है. यह सभी इंजन मेड इन इंडिया होंगे. 

'अगले साल से शुरू होगा फाइटर जेट इंजन का उत्पादन' 

एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा है कि अगले साल की शुरुआत से ही स्वदेशी फाइटर जेट इंजन के उत्पादन को शुरू करने की पूरी संभावना है. हालांकि, अभी तक इसमें क्यों देरी हुई? इसके पीछे की वजहों को भी उन्होंने बताया. रक्षा मंत्री ने कहा कि तेजस एलसीए के उत्पादन में इंजनों की सप्लाई में देरी सबसे बड़ी बाधा रही है. 

'कई बड़ी कंपनियों के साथ बातचीत जारी'

रक्षा मंत्री ने एक जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट को लेकर भी एक खबर है. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि 'जेट इंजन के उत्पादन के लिए अमेरिकी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) और फ्रांस की सफ्रान (Safran) समेत कई वैश्विक कंपनियों के साथ चर्चा चल रही है. मैं इस समय खुलासा नहीं कर सकता, क्योंकि अंतिम फैसला सिर्फ सीसीएस (रक्षा मामलों की कैबिनेट समिति) ही लेगी. कॉन्सेप्ट और डारेक्शन को लेकर हमारी स्पष्टता है.' 

फाइटर जेट 'मेड इन इंडिया बाय इंडियंस' होंगे

रक्षा मंत्री ने आगे बताया कि सभी फाइटर 'मेड इन इंडिया बाय इंडियंस' होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि 'भारत के ऊपर अमेरिका या किसी अन्य देश से कोई दबाव नहीं है.' हालांकि, उन्होंने साफ किया कि विदेशों से जेट इंजनों का आयात भी जारी रहेगा. 

'टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने पर दिया जाएगा जोर'

राजनाथ सिंह से इंटरव्यू के दौरान जब पूछा गया कि 'फ्रांस की सफ्रान के साथ भारत कब तक अपनी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए इंजन की उम्मीद कर सकता है, तो इस पर रक्षा मंत्री बोले कि 'हम कोशिश कर रहे हैं कि जितनी जल्दी हो सके, भारत में ही मैन्युफैक्चरिंग हो. इसपर सीसीएस जल्द ही बड़ा फैसला लेगी. भारत फाइटर जेट इंजन बनाने के लिए भले ही अन्य देशों के साथ तालमेल करे, लेकिन इनका निर्माण देश में ही होगा. हम इस समझौते पर डील करेंगे कि वह टेक्नोलॉजी भारत को ट्रांसफर करें.' 

'जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट पर काम चल रहा'

इस दौरान राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि 'भारत के पहले दो इंजनों वाले स्टील्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट पर चल रहा काम काफी उत्साहजनक है. भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तुरंत बाद ही इस प्रोजेक्ट के लिए इंडस्ट्री पार्टनरशिप मॉडल को मंजूरी दी थी. ऐसे में इस प्रोजेक्ट के तहत उत्पादन शुरू की पूरी संभावना है, लेकिन इसमें कम से कम 10 साल लगेंगे. हालांकि, संभावना है कि यह तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाए.' 

'हम अपने हितों के साथ समझौता नहीं करेंगे'

उन्होंने कहा कि 'यह इंजन खरीदने में हम अपने हितों के साथ समझौता नहीं करेंगे. हमने बता दिया है कि हम आपसे (कंपनियों से) इंजन खरीदेंगे, लेकिन आपको इसका भारत में निर्माण और हमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करना चाहिए.'

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