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हिमाचल प्रदेश के इस थाने में एक साथ क्यों गिरी 11 पुलिसकर्मियों पर गाज? सरकार ने किया सस्पेंड, जानें वजह

शिमला के एक थाने में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई से खलबली मच गई. यहां सरकार ने एक साथ 11 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया.

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12 Jan 2026
( Updated: 12 Jan 2026
01:54 PM )
हिमाचल प्रदेश के इस थाने में एक साथ क्यों गिरी 11 पुलिसकर्मियों पर गाज? सरकार ने किया सस्पेंड, जानें वजह

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी शिमला (Shimla) के पुलिस महकमे में उस वक्त खलबली मच गई. जब एक थाने के 11 पुलिसकर्मियों पर एक साथ गाज गिरी. सरकार ने इन्हें पद से बर्खास्त कर दिया. जिसके बाद ये मामला अब सुर्खियों में है. आखिर इस एक्शन के पीछे क्या वजह थी. जानें. 

दरअसल, ये कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक्शन का एक हिस्सा है. हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने  मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है. तस्करी के आरोप में 11 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त करने की घोषणा कर दी है. यह कार्रवाई सरकार की मादक पदार्थों के प्रति जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत की गई है. 

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई 

ये पुलिसकर्मी NDPS अधिनियम के तहत मामलों में संलिप्त पाए गए थे. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बर्खास्तगी संविधान के अनुच्छेद 311(2)(ख) के तहत की गई है. यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 'चिट्टा' और मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने आगे कहा कि अगर पुलिसकर्मी खुद मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो ऐसी कड़ी कार्रवाई अपरिहार्य हो जाती है. 

मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि 'चिट्टा' की तस्करी या अवैध मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. CM सुक्खू ने आगे बताया, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. जो कोई भी 'चिट्टा' और अन्य अवैध मादक पदार्थों के अवैध व्यापार को बढ़ावा देगा तो उसे किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह किसी भी पद का हो. उन्होंने साफ संदेश दिया कि कानून लागू करने का दायित्व सौंपे जाने के बावजूद कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए पुलिस में कोई स्थान नहीं है. 

इन पुलिसकर्मियों को किया गया सस्पेंड 

बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर नीरज कुमार, कांस्टेबल शुभम ठाकुर, कपिल, शिव कुमार, लक्ष्य चौहान, विशाल ठाकुर, गौरव वर्मा, संदीप राणा, अंकुश कुमार, रजत चंदेल और राहुल वर्मा शामिल हैं. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे 'चिट्टा' तस्करी और संबंधित गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और उन्हें जल्द से जल्द मुख्य सचिव को सौंपें. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे कर्मचारियों द्वारा मादक पदार्थों के धन से अर्जित संपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेजी जाए. पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने 'चिट्टा' के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की. 

 

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