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'उनका जूते से स्वागत होना चाहिए...', हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर बोला हमला, कहा- वो न आस्तिक हैं ना नास्तिक

दीपावली के शुभ अवसर पर स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा मां लक्ष्मी पर दिए गए बयान से उठे विवाद के बाद हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने हमला बोलते हुए कहा कि 'भगवान बुद्ध हमारे 24 अवतारों में से एक हैं. हनुमानगढ़ी के मुख्य द्वार पर उनकी मूर्ति स्थापित है. स्वामी प्रसाद द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी की हम निंदा करते हैं. वह ना तो आस्तिक हैं ना नास्तिक हैं. इस तरह के व्यक्ति को समाज रहने का कोई अधिकार नहीं है.'

'उनका जूते से स्वागत होना चाहिए...', हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर बोला हमला, कहा- वो न आस्तिक हैं ना नास्तिक

अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य संत राजू दास ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव, स्वामी प्रसाद मौर्य और आजम खान पर बड़ा हमला बोला है. दीपोत्सव कार्यक्रम पर अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान से शुरू हुई यह लड़ाई अब एक नया रूप ले चुकी है. सनातन धर्म पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से आहत संत राजू दास ने कहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ना आस्तिक हैं ना नास्तिक हैं. ऐसे व्यक्ति को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उनका स्वागत मुंह काला करके और और जूते से होना चाहिए. 

अखिलेश के किस बयान से मचा बवाल

बता दें कि रविवार को सपा प्रमुख ने अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'पूरी दुनिया में क्रिसमस के दौरान शहर महीनों तक जगमगाते रहते हैं, हमें उनसे सीखना चाहिए. हमें दीयों और मोमबत्तियों पर इतना पैसा खर्च नहीं करना चाहिए, अखिलेश यादव के इस बयान के बाद भयंकर बवाल मच गया. 

स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान  

बता दें कि पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने दीपावली के पावन पर्व पर विवादित बयान देते हुए कहा कि 'धन की देवी लक्ष्मी से भला होता, तो देश में करोड़ों लोगों को केवल 5-10 किलो चावल पर जिंदगी नहीं बितानी पड़ती.' उन्होंने गृहणी लक्ष्मी और बाहरवाली लक्ष्मी के बीच तुलना करते हुए कहा कि 'घर की असली लक्ष्मी गृहणी होती है, जो घर को सुंदर, साफ और स्वर्ग से भी सुंदर बनाती है. घर के सभी सदस्यों को प्रेम की डोर से जोड़ती हैं और परिवार में एकता बनाए रखती है. बाहरवाली लक्ष्मी केवल बाहर से आती है और चली जाती है, इसलिए हमारी हालत सुधर नहीं पाती.'

क्या लिखा पोस्ट में ? 

बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ' यह ध्यान रखना चाहिए कि दीप केवल अपने घर में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी के घर में भी जलें, उन्होंने कहा कि असली लक्ष्मी गृहणी है, जो घर को स्वर्ग बनाती है और यदि धन की देवी वास्तविक रूप में मदद करती, तो करोड़ों बेरोजगार युवाओं को रोजी-रोटी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता. 

हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने स्वामी प्रसाद पर बोला हमला 

दीपावली के शुभ अवसर पर स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा मां लक्ष्मी पर दिए गए बयान से उठे विवाद के बाद हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने हमला बोलते हुए कहा कि 'भगवान बुद्ध हमारे 24 अवतारों में से एक हैं. हनुमानगढ़ी के मुख्य द्वार पर उनकी मूर्ति स्थापित है. स्वामी प्रसाद द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी की हम निंदा करते हैं. वह ना तो आस्तिक हैं ना नास्तिक हैं. इस तरह के व्यक्ति को समाज रहने का कोई अधिकार नहीं है. उनका स्वागत मुंह काला करके होना चाहिए. यह आतंकी मानसिकता के व्यक्ति हैं, जो समाज में नफरत और विद्वेष फैलाते हैं. इस तरह के व्यक्ति का जूते से स्वागत होना चाहिए.' 

अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी जताई नाराजगी 

सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दीपावली पर दीयों और मोमबत्तियों की खरीद न करने वाले बयान पर संत राजू दास ने नाराजगी जताते हुए बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री अखिलेश ने दीपोत्सव पर जो टिप्पणी की है, वह सही नहीं है. अयोध्या का दीपोत्सव कार्यक्रम इतना भव्य और पवित्र होता है कि सभी वर्ग के लोग मिलकर इसमें भाग लेते हैं. इतने भव्य त्योहार के बारे में इस तरह की अनुचित टिप्पणी करना उचित नहीं है. दीपोत्सव केवल रोशनी और सजावट का पर्व नहीं है बल्कि देश और दुनिया के कल्याण की भावना से लोग दीये जलाते हैं. भारतीय परंपरा का यह एक अहम हिस्सा है. इस त्योहार में इस तरह की सोच बिल्कुल ठीक नहीं है.' 

आजम खान पर भी बोला हमला? 

राजू दास ने अपने बयान में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, स्वामी प्रसाद मौर्य और पूर्व मंत्री आजम खान पर भी हमला बोला. उन्होंने आजम खान के बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि 'अब तो दीप जलाने से लोगों को डर लगता है. बकरीद पर निर्दोष जानवरों की हत्या और खून बहाने से डर नहीं लगता, लेकिन दीपोत्सव से इन्हें डर लगता है. अयोध्या में दीपोत्सव हुआ. पूरे देश में दीपावली का महापर्व हर्ष और सौहार्द के साथ मनाया गया. इस तरह का बयान देने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.'

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