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ग्रेटर नोएडा: निक्की की बहन कंचन पर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने उठाए सवाल, कहा- तिजोरियों में रखे गहनों और धन-दौलत पर थी नजर

SC के वकील एपी सिंह ने का कहना है कि यह दहेज हत्या नहीं हो सकती है, क्योंकि शादी को 9-10 साल हो चुके थे और पहले कभी इस तरह के आरोप नहीं लगाए गए थे. उन्होंने कहा कि कानून 7 साल के भीतर ही दहेज का केस किया जा सकता है.

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05 Sep 2025
( Updated: 10 Dec 2025
09:17 AM )
ग्रेटर नोएडा: निक्की की बहन कंचन पर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने उठाए सवाल, कहा- तिजोरियों में रखे गहनों और धन-दौलत पर थी नजर
Nikki Bhati/Kanchan Bhati

ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में 21 अगस्त की शाम जिंदा जलकर मरी निक्की भाटी की हत्या हुई या फिर यह आत्महत्या थी, ये गुत्थी आजतक नहीं सुलझ पाई है. पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है. दोनों पक्षों की और से किए जा रहे अलग-अलग दावों के बीच सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने निक्की की बहन कंचन की भूमिका पर संदेह जताते हुए कई सवाल उठाए हैं. ये वकील हैं एपी सिंह, जिन्होंने निर्भया कांड से लेकर सीमा हैदर जैसे केसों के कारण सुर्खियों में आए. एपी सिंह ने का कहना है कि यह दहेज हत्या नहीं हो सकती है, क्योंकि शादी को 9-10 साल हो चुके थे और पहले कभी इस तरह के आरोप नहीं लगाए गए थे. उन्होंने कहा कि कानून 7 साल के भीतर ही दहेज का केस किया जा सकता है. 

‘बचाने की बजाय रील बनाती रही कंचन…’

वरिष्ठ वकील ने सवाल उठाया कि निक्की की बहन कंचन घटना के समय उसे बचाने की बजाय रील बनाती रही. उन्होंने कहा,' निक्की की बहन जो सबसे पास थी, जब सगी बहन साथ हो तो सबसे पहले वह बचाने का प्रयास करेगी, ना कि वीडियो बनाएगी. पत्रकार भी किसी बड़ी घटना के समय पहले मदद करने लगते हैं. कंचन बचाने की बजाय, कंबल-रजाई ओढ़ाने के बजाय वीडियो बना रही है. वह कहती भी है-बहन तूने यह क्या किया. 

एपी सिंह ने कहा कि निक्की की मौत के बाद कंचन ससुराल जाकर सारा सामान ले आई. उन्होंने कहा, 'निक्की की मौत के बाद तेरहवीं का इंतजार भी नहीं किया जाता है. सबसे पहले ताले तोड़े जाते हैं. और 5-6 बड़े बड़े सूटकेस, जितने भी बड़े सूटकेस और बैग थे घर में, सबको भरकर लाया जाता है. ये कहां से मानसिकता आ गई. इसका मतलब निक्की की बहन का ससुराल में अलमारियों पर, तिजोरियों में रखे गहनों, सोने, चांदी, हीरे जवाहारात, महंगे कपड़े, पैसे धन दौलत पर नजर थी कि कब ऐसी कोई घटना हो या घटना अंजाम दी जाए या ऐसा कर दें और सब सामान भर लाएं. यह सच्चाई है. 

विपिन घटना स्थल पर नहीं था- एपी सिंह 

वरिष्ठ वकील ने कहा कि जब आग लगी और यह बात विपिन तक पहुंचती है तो वह दुकान छोड़कर भागता है. इसका मतलब वह घटना स्थल पर नहीं था. वह बचाने के लिए भागा. आग उसने नहीं लगाई. वह बचाने वाला था. वह बचाने के लिए पहुंचा.

वकील ने आगे कहा कि सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और लोगों की गवाही से यह साबित हो सकता है. एक पुरानी वीडियो दिखाई जा रही है मारपीट की. घर परिवार में झगड़ा होता है. जहां प्यार है वहां झगड़ा भी है. यह सब साथ चलता है जीवन में. 

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