Maha Kumbh में भंडारा लगाने के बाद Ajmer दरगाह पहुंचे Gautam Adani

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार Gautam Adani परिवार के साथ Ajmer शरीफ दरगाह पहुंचे. यहां उन्होंने अकीदत के फूल पेश करते हुए चादर चढ़ाई. इस दौरान दरगाह के खादिम हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने उन्हें सबसे बड़े सम्मान से नवाजा.

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17 Feb 2025
( Updated: 08 Dec 2025
05:33 AM )
Maha Kumbh में भंडारा लगाने के बाद Ajmer दरगाह पहुंचे Gautam Adani
देश ही नहीं दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी कुछ दिन पहले परिवार के साथ महाकुंभ पहुंचे थे। यहां संगम में उन्होंने आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ में अडानी का सनातनी अंदाज दिखा था तो अब वे सुफी रंग में रंगे दिखे। महाकुंभ में पवित्र स्नान और पूजा पाठ के बाद अब गौतम अडानी अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे।

हाथ में फूलों की टोकरी, माथे पर गुलाबी पगड़ी। और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर शीश नवाते जाने माने अरबपति बिजनेसमैन गौतम अडानी। 15 फरवरी की देर शाम गौतम अडानी पत्नी प्रीति अडानी और भाई-भाभी के साथ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लग गया। भारी सुरक्षा के बीच वह दरगाह में दाखिल हुए जहां अजमेर शरीफ के खादिम ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अडानी ने दरगाह पर चादर चढ़ाते हुए देशवासियों के लिए बरकत और सलामती की दुआएं मांगी। उन्होंने अजमेर शरीफ दरगाह पर अकीदत के फूल भी पेश किए। यहां अडानी परिवार के सादगी भरे अंदाज ने लोगों का दिल जीत लिया।

अडानी परिवार के साथ खादिम हाजी सैयद सलमान चिश्ती पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने मोइनुद्दीन चिश्ती को चादर चढ़ाने के बाद अडानी को जियारत भी करवाई। दुआएं पढ़ीं और फिर तबर्रुक भेंट किया। इसके बाद गौतम अडानी दरगाह के बेगमी दलान पहुंचे जहां कव्वाली हो रही थी। यहां खादिम के साथ उन्होंने थोड़ी देर कव्वाली का आनंद लिया और सूफी संगीत और परंपरा को समझा।


अजमेर शरीफ दरगाह में गौतम अडानी को सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया। खादिम सलमान चिश्ती ने उन्हें नेक काम, परोपकार और गरीबों के प्रति समर्पण के लिए उन्हें ‘वैश्विक शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया। साथ ही समाज की भलाई के लिए उनकी ओर से किए गए कार्यों की सराहना की। गौतम अडानी ने खुद इन पलों की फोटो शेयर करते हुए लिखा, सभी के लिए बरकत और सलामती की दुआएं. #Ajmersharif 

अडानी परिवार ने दरगाह में शाकाहरी लंगर का आयोजन भी किया। लंगर में हजारों लोगों के खाने का इंतजाम किया गया था। इससे पहले महाकुंभ में भी इस्कॉन मंदिर समिति के साथ मिलकर अडानी ने विशाल भंडारे का आयोजन किया था।

21 जनवरी को गौतम अडानी पत्नी और बेटे बहू संग महाकुंभ पहुंचे थे। यहां संगम में स्नान के बाद वे पूजा में शामिल हुए। इसके बाद महाकुंभ में चल रहे भंडारे में प्रसाद बनाकर श्रद्धालुओं को बांटा।

7 फरवरी को गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत-दीवा शाह के साथ शादी के बंधन में बंध गए। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में अडानी ने बेटे की शादी बेहद ही सादगी के साथ की।

गुजराती और जैन रीति रिवाजों के साथ हुई इस शादी में परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे। चकाचौंध और दिखावे से दूर इस शादी में समाजसेवा के लिए 10 हजार करोड़ रुपए डोनेट किए गए। इन पैसों से हेल्थकेयर, एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े शिक्षा और कार्य होंगे। वहीं, शादी से पहले जीत औऱ दीवा ने भी ‘मंगल संकल्प’ लिया। इस संकल्प के तहत दोनों ने 500 दिव्यांग नवविवाहित जोड़ों को 10-10 लाख रुपए की मदद दी। ये राशि दोनों हर साल इन जोड़ों को देंगे। इस नेक पहल के बाद अडानी परिवार ने देशभर में सुर्खियों बटोरी। लोगों ने सोशल मीडिया पर भी उनकी पहल को सराहा।

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