Advertisement

कांग्रेस के अधिवेशन में बिहार चुनाव से लेकर विदेश नीति समेत आर्थिक संकट पर हुई चर्चा

बिहार और गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को शुरू हो गई। बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति और भविष्य के कदमों पर गहन चर्चा की जा रही है।

कांग्रेस के अधिवेशन में बिहार चुनाव से लेकर विदेश नीति समेत आर्थिक संकट पर हुई चर्चा
बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ महीनों का समय बचा है। इसके लिए सियासी दलों की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बीच विपक्ष की इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने अपनी रणनीति के साथ बिहार चुनाव की अलग से तैयारी कर रही है। यही वजह है कि बिहार और गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को शुरू हो गई। बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति और भविष्य के कदमों पर गहन चर्चा की जा रही है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने मंगलवार को बैठक के बाद कहा कि बैठक में पार्टी के सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें आर्थिक, राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दे शामिल हैं। 


बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा 

राजीव शुक्ला ने बताया कि बैठक के दौरान पार्टी ने विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। विदेश नीति, राजनीतिक स्थिति, और मौजूदा आर्थिक संकट पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के कारण आए आर्थिक बदलावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा, पार्टी संगठन में सुधार के लिए संभावित बदलावों पर भी विचार किया गया। उन्होंने कहा कि गुजरात को लेकर भी एक अलग प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया गया। पार्टी ने सरदार पटेल के योगदान को लेकर प्रस्ताव पारित किया और यह निर्णय लिया गया कि पार्टी गुजरात में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल की अध्‍यक्षता में कांग्रेस ने 24 साल तक कार्य किया और उनके योगदान को महत्व देते हुए पार्टी गुजरात में आगामी चुनावों में पूरी मजबूती से उतरेगी।


राजीव शुक्ला ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी की इस बैठक में सभी प्रमुख नेताओं ने अपने विचार रखे और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार की। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी की आगामी दिशा और कार्य योजनाओं पर विचार किया जाएगा। बता दें कि गुजरात में 64 साल बाद कांग्रेस पार्टी यह कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इससे पहले, 1961 में भावनगर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था, जो आजादी के बाद गुजरात में पार्टी का पहला बड़ा कार्यक्रम था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी मंगलवार सुबह करीब 10.30 बजे अहमदाबाद पहुंचे, जबकि प्रियंका गांधी नहीं पहुंचीं।

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें