Advertisement

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस, 5 अगस्त का रहा अद्भुत संयोग!

भारत के राजनेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक का मंगलवार को निधन हो गया है. वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.

Author
05 Aug 2025
( Updated: 09 Dec 2025
10:21 AM )
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, दिल्ली के RML अस्पताल में ली अंतिम सांस, 5 अगस्त का रहा अद्भुत संयोग!
Image: Satyapal Malik (File Photo)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल और जनता पार्टी के समय से राजनीति में एक्टिव सत्यपाल मलिक का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. मलिक के निधन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके ही आधिकारिक अकाउंट से साझा की गई. एक्स पोस्ट में लिखा गया, "पूर्व गवर्नर चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक नहीं रहे."

जानकारी के अनुसार, सत्यपाल मलिक पिछले कई महीनों से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. आरएलएम अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था. लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार को उनका निधन हो गया.

कई राज्यों के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक
चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक मेघालय, गोवा, बिहार और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में राज्यपाल के पद पर रह चुके थे. मलिक ने जम्मू-कश्मीर के अंतिम पूर्णकालिक राज्यपाल के रूप में काम किया. वे अपने स्पष्टवादी और बेबाक बयानों के लिए भी खासे चर्चित रहे. उनके मलिक के निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई. कई प्रमुख नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया.

हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सत्यपाल मलिक के निधन पर दुख जताते हुए 'एक्स' पर लिखा, "पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ जननेता सत्यपाल मलिक के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. वे हमेशा जनहित की बात निर्भीकता से रखते रहे. जननायक जनता पार्टी उनकी बेबाक राजनीति, किसान हितैषी सोच और सार्वजनिक जीवन में सादगी को सादर नमन करती है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें."

आपको बता दें कि भारतीय राजनीति के एक अनुभवी और चर्चित चेहरे, सत्यपाल मलिक का निधन ऐसे दिन हुआ जिसने इतिहास में पहले से ही एक खास जगह बना रखी है — 5 अगस्त. यही वो तारीख है जब साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर उसे विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया था. और इसी दिन, इस ऐतिहासिक बदलाव के गवाह रहे राज्य के अंतिम राज्यपाल ने अंतिम सांस ली.

अनुच्छेद 370 के खात्मे के साक्षी रहे सत्यपाल मलिक

सत्यपाल मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के अंतिम राज्यपाल के रूप में कार्यरत रहे. उनके कार्यकाल के दौरान ही 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया था, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया. इसके साथ ही राज्य को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बनाए गए. सत्यपाल मलिक न केवल इस बदलाव के प्रशासनिक केंद्र में थे, बल्कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर को संभालने वाले अंतिम राज्यपाल भी साबित हुए.

5 अगस्त को सत्यपाल मलिक की विदाई...अद्भुत संयोग

यह एक दुर्लभ और प्रतीकात्मक संयोग है कि जिस तारीख को जम्मू-कश्मीर के इतिहास ने करवट ली थी, उसी 5 अगस्त को सत्यपाल मलिक ने दुनिया को अलविदा कह दिया. जम्मू-कश्मीर से उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद उन्हें गोवा का 18वां राज्यपाल नियुक्त किया गया. इसके पश्चात उन्होंने अक्टूबर 2022 तक मेघालय के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दीं.

करीब 55 साल का लंबा राजनीतिक सफर

सत्यपाल मलिक का जन्म 24 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हिसावदा गांव में एक जाट परिवार में हुआ था. उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक और कानून (LLB) की डिग्री प्राप्त की. वर्ष 1968-69 में वे मेरठ विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष बने, यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की औपचारिक शुरुआत हुई. इसके बाद उन्होंने कई वर्षों तक विभिन्न पदों पर रहते हुए सार्वजनिक जीवन में सक्रिय योगदान दिया.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें