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पश्चिम बंगाल में मेडिकल कॉलेज एडमिशन कोटा भ्रष्टाचार मामले में ईडी ने चलाया तलाशी अभियान

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में संचालित आठ निजी मेडिकल कॉलेज ईडी की जांच के दायरे में थे। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने बिधाननगर सिटी पुलिस के तहत इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी।

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03 Dec 2024
( Updated: 10 Dec 2025
10:58 PM )
पश्चिम बंगाल में मेडिकल कॉलेज एडमिशन कोटा भ्रष्टाचार मामले में ईडी ने चलाया तलाशी अभियान
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया में मेडिकल कॉलेज एडमिशन कोटा भ्रष्टाचार मामले में तलाशी अभियान चलाया। ईडी हल्दिया, दुर्गापुर और कोलकाता समेत राज्य के कई निजी मेडिकल कॉलेजों पर छापेमारी कर रही है। 

देश में 28 जगहों पर एमबीबीएस एडमिशन में कोटा भ्रष्टाचार की खबरें


कथित तौर पर, इस मामले में पैसे के बदले फर्जी प्रमाण जमा किए गए और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिए गए। इस साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले पर चिंता जताई थी। पूरे देश में 28 जगहों पर एमबीबीएस एडमिशन में कोटा भ्रष्टाचार की खबरें आई हैं।

प्रत्येक छापामारी दल को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई।

सूत्रों ने बताया कि मेडिकल दाखिलों में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं मुख्य रूप से राज्य में संचालित कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों में हुई हैं।

सूत्रों ने बताया कि हल्दिया में छापेमारी और तलाशी अभियान तामलुक से पूर्व माकपा लोकसभा सदस्य लक्ष्मण सेठ के आवास पर चलाया जा रहा है। सेठ हल्दिया में निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों का संचालन करने वाला एक गैर सरकारी संगठन चलाते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में संचालित आठ निजी मेडिकल कॉलेज ईडी की जांच के दायरे में थे। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने बिधाननगर सिटी पुलिस के तहत इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी।

एनआरआई कोटे के तहत मेडिकल प्रवेश में अनियमितताओं को सबसे पहले सितंबर में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उजागर किया था।

भारी नकदी लेनदेन के बदले फर्जी प्रमाण पत्र!


शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ऐसे कई प्रवेशों में भारी नकदी लेनदेन के बदले फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करना शामिल था। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप लगाया था।

Input: IANS

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