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आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी पर ईडी का एक्शन, 14 साल पुराने मामले में जब्त हुई 800 करोड़ की संपत्ति

साल 2013 में CBI ने जगन, DCBL और कई अन्य के खिलाफ IPC और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कई धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें आरोप लगा था कि जगन मोहन रेड्डी और उनके ऑडिटर पूर्व सांसद विजय साई रेड्डी और DCBL ने मिलकर रघुराम सीमेंट के शेयर एक फ्रेंच कंपनी को 135 करोड़ में बेचा था. उस कंपनी ने हवाला के जरिए 55 करोड़ रूपये नगद जगन को दिए थे. यह साल 2010 से 2011 के बीच इनकम टैक्स विभाग के दस्तावेजों में सामने आए थे.

आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी पर ईडी का एक्शन, 14 साल पुराने मामले में जब्त हुई 800 करोड़ की संपत्ति
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने 14 साल पुराने मामले में जगन मोहन रेड्डी की 27.5 करोड़ रूपये के शेयर अस्थाई रूप से जब्त कर लिए हैं. इन रुपयों को लेकर आरोप है कि उन्होंने "क्विड प्रो क्वो" के तहत निवेश किया था. जगन मोहन रेड्डी की हैदराबाद की कुल 3 संपत्तियों को जब्त किया गया है. इसके अलावा डालमिया सीमेंट की करीब 377.2 करोड़ रूपये की जमीन जब्त की गई है. DCBL के मुताबिक यह जमीन 793.3 करोड़ की है. 

जगन मोहन रेड्डी की हैदराबाद स्थित 3 कंपनियों पर ED का एक्शन

बता दें कि हैदराबाद की ईडी टीम ने जगनमोहन रेड्डी की तीन कंपनियों पर बड़ा एक्शन लिया है. इनमें कार्मेल एशिया होल्डिंग्स, सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और हर्षा फर्म में निवेश को जब्त किया है. यह पूरा मामला साल 2011 में CBI द्वारा दर्ज हुए केस से जुड़ा है. आरोप है कि DCBL ने रघुराम सीमेंट्स लिमिटेड जो जगन रेड्डी से जुड़ी कंपनी है. उसमें 95 करोड़ रूपये निवेश किए थे. इसके बदले जगन रेड्डी ने अपने पिता उस दौरान के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई एस रेड्डी के प्रभाव का इस्तेमाल कर DCBL को आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में
407 हेक्टेयर जमीन लीज पर दिलवाई थी. 

CBI ने DCBL, जगन मोहन रेड्डी सहित कई के खिलाफ दर्ज किया था केस 

साल 2013 में CBI ने जगन, DCBL और कई अन्य के खिलाफ IPC और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कई धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें आरोप लगा था कि जगन मोहन रेड्डी, उनके ऑडिटर पूर्व सांसद विजय साई रेड्डी और DCBL ने मिलकर रघुराम सीमेंट के शेयर एक फ्रेंच कंपनी को 135 करोड़ में बेचा था. उस कंपनी ने हवाला के जरिए 55 करोड़ रूपये नगद जगन को दिए थे. यह साल 2010 से 2011 के बीच इनकम टैक्स विभाग के दस्तावेजों में सामने आए थे. 

जून 2024 में भी जगन मोहन रेड्डी की संपत्ति पर चला था बुलडोजर 

इससे पहले जून 2024 में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी का निर्माणाधीन ऑफिस बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया था. यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत हुई थी. जहां 9,365 वर्ग फीट में पार्टी का ऑफिस बनाया जा रहा था. इससे पहले हैदराबाद महानगर निगम ने जगन मोहन रेड्डी के लोटस पाॅन्ड से सटे आवास से लगे फुटपाथ को भी तोड़ दिया था. इसका उपयोग उनके सुरक्षाकर्मी कर रहे थे. 

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