DM की टीचरों के साथ चल रही थी ऑनलाइन मीटिंग, अचानक बदला माहौल, चलने लगी अश्लील वीडियो, फिर महिला अधिकारी ने जो किया...

यूपी के महाराजगंज में जिला मजिस्ट्रेट संतोष कुमार शर्मा और शिक्षा विभाग के कई अधिकारी स्कूल के टीचर्स के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर रहे थे, तभी अचानक बड़ी स्क्रीन पर पॉर्न वीडियो चलने लगा. इस मामले में महिला BSA अधिकारी के आदेश पर BEO ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.

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12 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:15 AM )
DM की टीचरों के साथ चल रही थी ऑनलाइन मीटिंग, अचानक बदला माहौल, चलने लगी अश्लील वीडियो, फिर महिला अधिकारी ने जो किया...
सोशल मीडिया/एक्स

महराजगंज जिले में शिक्षा विभाग की ऑनलाइन ई-चौपाल के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई है. मामला 7 अगस्त का बताया जा रहा है, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जूम मीटिंग के दौरान एक यूजर ने अचानक पोर्न वीडियो चला दिया. यह मीटिंग सरकारी स्कूलों की समस्याओं पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें डीएम के साथ बीएसए, बीईओ, शिक्षक, हेडमास्टर और आम नागरिक भी शामिल थे.

मीटिंग में चलने लगी अश्लील वीडियो 

डीएम की जूम मीटिंग में 'जेसन जूनियर' नाम के एक यूजर ने अपनी स्क्रीन शेयर की, इसपर अचानक अश्लील वीडियो चलने लगा. इससे मीटिंग में शामिल सभी अधिकारी और प्रतिभागी हक्का-बक्का रह गए और कई अफसरों ने तुरंत मीटिंग से खुद को हटा लिया. महिला अधिकारी असहज महसूस करने लगी और उठकर वहां से चली गई. वहीं, ‘अर्जुन’ नाम एक अन्य यूजर ने इसी मीटिंग में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया इससे स्थिति और भी बिगड़ गई. 

इस घटना के दो दिन बाद, 9 अगस्त को बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पांडेय के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी फरेंदा सुदामा प्रसाद ने कोतवाली में दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू की और इस मामले में एक्शन लेते हुए 9 अगस्त को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. 

विभिन्न ग्रुपों में शेयर किया गया था 'जूम मीटिंग' का लिंक

बताया जा रहा है कि जूम मीटिंग का लिंक जिला सूचना अधिकारी द्वारा विभिन्न ग्रुपों में शेयर किया गया था, जिससे असामाजिक तत्वों को भी इसमें शामिल होने का मौका मिल गया. इससे सरकारी बैठकों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. 

प्रशासन ने इस घटना को न केवल शालीनता भंग करने वाली, बल्कि साइबर अपराध की श्रेणी में माना है और इसे लेकर कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. 

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