Advertisement

महामारी की चपेट में दिल्ली, केजरीवाल बने मूकदर्शक, कैसे चलेगी दिल्ली !

अरविंद केजरीवाल 6 महीने तक तिहाड़ से दिल्ली की सरकार चलाकर वापस आ चुके है। लेकिन इस बीच दिल्ली का क्या हाल हुआ उसकी खैर खबर दिल्ली की सरकार ने नहीं ली, उसी का नतीजा है आज दिल्ली में जगह जगह पानी भरा है, और उसी महामारी में रहने के लिए लोग मजबूर है।

महामारी की चपेट में दिल्ली, केजरीवाल बने मूकदर्शक, कैसे चलेगी दिल्ली !
दिल्ली त्रस्त है लेकिन केजरीवाल मस्त है। 6 महीने जेल में रहकर दिल्ली की सरकार चलाने वाले केजरीवाल जैसे ही बाहर आए तो पता चला की दिल्ली तो झीलों का शहर बन चुकी है। और झीलों का शहर देखते ही केजरीवाल की सांसे फूल गई। हालत इतनी खराब हो गई इस्तीफे का ऐलान कर दिया। दिल्ली के हालात किस कदर बिगड़ चुके है। जिसे देख केजरीवाल ने शायद इस्तीफे का ऐलान कर दिया। हालांकि दिल्ली को लंदन पेरिस बनाने में केजरीवाल ने कोई कसर छोड़ी नहीं है, कुछ तस्वीरें आपको दिखाता हूं।


जो तस्वीरें आप देख रहे है, और इन तस्वीरों में झीलों का जो शहर आप देख रहे है वो केजरीवाल की दिल्ली ही है। दिल्ली के रोहिणी किराड़ी जैसे इलाके जलमग्न है।लोग विधायक को, पार्षद को एससीडी को शिकायत कर कर के थक चुके है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

केजरीवाल की झीलों में जो पानी है, उसने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लोग इस गंदे पानी से कितनी बीमारिंया हो सकती है दिल्ली के साहब को उसका अंदाजा भी नही है। क्योंकि साहब तो कथित शीश महल में मस्त आराम कर रहे है। और जो स्थानीय जिम्मेदार लोग है वो फेसबुक पर धड़ाधड़ पोस्ट कर अपनी पीठ थपथपा रहे है।

विधायक साहब का कहना है कि पंप लगा दिया है। बस पानी भी खत्म हो ही जाएगा। और जब तक पानी निकलेगा तब तक लोग बीमारिंयों की चपेट में आ ही जाएंगे।लोग शिकायत भी कर चुके है लेकिन किसी की भी आंख नहीं खुल रही है। और नौबत यहां तक आ गई की लोगों को धरने पर बैठना पड़ रहा है।

ये बात बिल्कुल सही है किसी भी वक्त इस गंदे पानी से महामारी फैल सकती है। लेकिन दिल्ली के साहब को इस्तीफा देकर कैसे तुरंत चुनाव करवाना है उसमें वयस्त है।हाल पुलिस प्रशासन का भी देख लीजिए।कैसे जनता के सड़क पर उतरने के फैसले को गलत दिखाने की कोशिश कर रहे है।

दस साल से ज्यादा केजरीवाल को दिल्ली मे राज करते हुए हो गए है, लेकिन कब बारिश के हालात खराब होंगे कब बारिश ना होने से पानी की किल्लत होगी, साहब को कोई जानकारी नहीं है। लेकिन सरकार कैसे बनानी है वो बेहतर तरीके से पता है। तो कैसा लगा आपको केजरीवाल के सपनों का शहर, केजरीवाल का झीलों का शहर, केजरीवाल का लंदन पेरिस, किसी भी नाम से आप दिल्ली को पुकार सकते है।

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें