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केरल विधानसभा चुनाव से पहले माकपा में फूट, कई दिग्गजों ने ज्वाइन की BJP, चुनाव में दिखेगा असर!

केरल विधानसभा चुनाव से पहले ही माकपा को झटका लगा है, कई दिग्गज नेताओं ने हाल ही में बीजेपी ज्वाइन किया है. वहीं, इसका असर चुनाव में दिख सकता है.

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14 Jan 2026
( Updated: 14 Jan 2026
01:18 PM )
केरल विधानसभा चुनाव से पहले माकपा में फूट, कई दिग्गजों ने ज्वाइन की BJP, चुनाव में दिखेगा असर!

केरल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) गंभीर अंदरूनी संकट से जूझ रही है. पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अभूतपूर्व रूप से पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं, जिससे वाम मोर्चे की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. 

माकपा के दिग्गज नेता ने बीजेपी का थामा हाथ

पिछले एक दशक से अधिक समय तक टीवी बहसों में माकपा का प्रमुख चेहरा रहे रेजी लुकोस ने हाल ही में औपचारिक रूप से भाजपा का दामन थाम लिया. लुकोस ने वाम दल की “जंग खा चुकी नीतियों” और “सांप्रदायिक रुख” से निराशा जताते हुए भाजपा की विकासोन्मुखी सोच को अपने फैसले की वजह बताया. लुकोस ने कहा, “केरल में भाजपा द्वारा प्रस्तुत विकासपरक नीतियां और कार्यक्रम मुझे आकर्षित करते हैं.” उन्होंने भाजपा के विज़न और प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की भी सराहना की.

‘पलायन रोकने में असफल कांग्रेस और एलडीएफ’

उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों और युवाओं के बड़े पैमाने पर विदेश पलायन को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया. लुकोस के अनुसार, शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसरों की कमी के चलते यह पलायन हो रहा है और इसे रोकने के लिए न तो वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और न ही कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने ठोस कदम उठाए.

आयशा पोट्टी ने भी बदला दल

पार्टी के अंदरूनी संकट को और गहराते हुए तीन बार की विधायक आयशा पोट्टी ने मंगलवार को कांग्रेस जॉइन कर ली. उन्होंने माकपा नेतृत्व पर लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया. पोट्टी ने 2006 के विधानसभा चुनाव में कोट्टाराक्कारा सीट से दिग्गज नेता आर. बालकृष्ण पिल्लै को हराकर राजनीतिक पहचान बनाई थी. माना जा रहा है कि आगामी चुनावों में यूडीएफ उन्हें उम्मीदवार बना सकता है.

आयशा पोट्टी ने किया विश्वासघात- जे. मर्सीकुट्टी 

पार्टी छोड़ने पर हो रही आलोचनाओं से बेपरवाह आयशा पोट्टी ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम में एक कांग्रेस कार्यक्रम में कहा था कि माकपा अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही. पूर्व मंत्री जे. मर्सीकुट्टी अम्मा ने पोट्टी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “वर्गद्रोही” करार दिया और कहा कि वह “सत्ता की लालसा” में पार्टी छोड़ रही हैं. उन्होंने कहा, “पार्टी ने उन्हें तीन बार विधायक बनाकर हर संभव लाभ दिया. उनका जाना विश्वासघात है.” वहीं, माकपा के महासचिव एम.ए. बेबी ने इन घटनाक्रमों को “दुखद” बताया, हालांकि उन्होंने दावा किया कि इससे पार्टी को चुनावी नुकसान नहीं होगा.

तीन बार विधायक रह चुके राजेंद्रन ने भी भाजपा ज्वाइन किया

इसी बीच, इडुक्की जिले के देविकुलम विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके एस. राजेंद्रन ने भी जल्द भाजपा में शामिल होने की पुष्टि की है. राजेंद्रन 2006, 2011 और 2016 में देविकुलम से विधायक रहे थे. उन्हें 2021 में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था, हालांकि उस चुनाव में माकपा के उम्मीदवार ए. राजा जीत दर्ज करने में सफल रहे थे. इन घटनाओं ने केरल की उस पुरानी राजनीतिक धारणा को चुनौती दी है, जिसके तहत प्रतिबद्ध कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं का वैचारिक विरोधी दलों में जाना बेहद दुर्लभ माना जाता था.

हालांकि माकपा ने रेजी लुकोस को पूर्णकालिक सदस्य के बजाय केवल समर्थक बताते हुए उनके जाने के प्रभाव को कम करने की कोशिश की है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर वर्षों तक पार्टी का बचाव करने के कारण उनका जाना राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. 

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