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सीएम योगी के शहर में आपस में ही भिड़े कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी, जमकर हुई मारपीट, 4 बड़े नेता हुए घायल

यूपी के गोरखपुर शहर में रविवार को कांग्रेस पार्टी की जोनल समीक्षा बैठक के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी से निष्कासित पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी और गोला ब्लॉक अध्यक्ष जय प्रकाश तिवारी ने खुद पर हमला किए जाने का आरोप लगाया.

सीएम योगी के शहर में आपस में ही भिड़े कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी, जमकर हुई मारपीट, 4 बड़े नेता हुए घायल

कांग्रेस पार्टी की जोनल समीक्षा में जमकर मारपीट हुई है. खबरों के मुताबिक, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में पार्टी की बड़ी बैठक में जमकर हंगामा और हाथपाई देखने को मिली, जहां आपस में ही कार्यकर्ता और पूर्व पदाधिकारी भीड़ गए, इनमें कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं. इस मामले में 10 से 15 लोगों के खिलाफ नजदीकी थाने में तहरीर दी गई है. 

कांग्रेस पार्टी की जोनल मीटिंग में जमकर हुई मारपीट

बता दें कि यूपी के गोरखपुर शहर में रविवार को कांग्रेस पार्टी की जोनल समीक्षा बैठक के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी से निष्कासित पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी और गोला ब्लॉक अध्यक्ष जय प्रकाश तिवारी ने खुद पर हमला किए जाने का आरोप लगाया. यह बैठक गोरखपुर के देवरिया बाईपास स्थित सत्यम लॉन में चल रही थी. जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत बड़े नेता बैठक के लिए मौजूद थे. इस मामले को देखते हुए तुरंत गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी. 

कैसे शुरू हुआ विवाद?

बता दें कि रविवार को गोरखपुर में आयोजित कांग्रेस की जोनल समीक्षा बैठक में उस समय विवाद शुरू हो गया, जब बैठक स्थल पर पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी, जय प्रकाश तिवारी, अवधेश मणि त्रिपाठी, विपिन मिश्र, चुन्नू दुबे, सुबास दास, सुराली प्रसाद, सुखराम यादव, अभिनव गुप्त समेत अन्य सच्चिदानंद तिवारी के साथ राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पाण्डेय को ज्ञापन देने पहुंचे. इस दौरान सच्चिदानंद ने आरोप लगाया कि वह अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में भाग लेने पहुंचे थे. उस दौरान वह पार्टी के महासचिव से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसी दौरान जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी की नजर उन पर पड़ी. जिसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों के साथ हमला कर दिया. इस दौरान सच्चिदानंद को उनके हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं. उन्होंने खुद पर धारदार हथियार से हमला किए जाने का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि उनके साथ जय प्रकाश तिवारी को भी पीटा गया. वहीं पार्टी का झंडा भी उनके हाथ से छीन कर फाड़ दिया और डंडे से भी पिटाई की. 

10 से 15 लोगों के खिलाफ मामला हुआ दर्ज 

इस मामले में पुलिस को दी गई तहरीर में जिला अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी, श्रीरिश उपाध्याय, विनोद पाण्डेय, जय गोविंद, आलोक शुक्ला, उत्कर्ष पाण्डेय समेत 10-15 अज्ञात लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा सच्चिदानंद ने यह भी आरोप लगाया कि 10 जुलाई को भी पार्टी कार्यालय में उनके साथ मारपीट हुई थी.

लड़ाई के बाद बंद कमरे में हुई बैठक

बता दें कि मारपीट और हंगामे के चलते समीक्षा बैठक में कुछ समय के लिए व्यवधान उत्पन्न हुआ, जिसके बाद वरिष्ठ नेताओं ने मंच से हट कर बंद कमरे में समीक्षा जारी की. वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी ने सच्चिदानंद के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है. किसी तरह की मारपीट नहीं हुई है. 

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