आतंकी Yakub के लिए दया मांगने वाले Aslam Shaikh के घर शादी में शामिल हुए CM Fadnavis !
साल 2015 में कांग्रेस के जिस विधायक असलम शेख ने आतंकी याकूब मेमन की फांसी रुकवाने के लिए राष्ट्रपति को दया याचिका के लिए पत्र दिया था उसी के घर शादी समारोह में शामिल हुए महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस !
03 Jan 2025
(
Updated:
11 Dec 2025
01:54 AM
)
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राजनीति भी गजब होती है। एक तरफ जहां नेता हिंदू मुस्लिम के मुद्दे पर राजनीति करके वोट बटोरते हैं। तो वहीं दूसरी तरफ सत्ता में आते ही आतंकी याकूब मेनन के हमदर्द असलम शेख जैसे नेताओं के घर शादी में शामिल होने जाते हैं। कुछ ऐसे ही नेता हैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। जिन्हें आपने महाराष्ट्र चुनाव के दौरान तो खूब हिंदू मुसलमान करते हुए देखा होगा। लेकिन अब वही फडणवीस कांग्रेस विधायक असलम शेख के बेटे की शादी में आशीर्वाद देने पहुंच गये।
दरअसल जिस 1993 सीरियल बम ब्लास्ट ने आर्थिक राजधानी मुंबई को हिला कर रख दिया था। जिसमें ढाई सौ से भी ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। उस धमाके में दोषी ठहराये गये याकूब मेमन को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। मगर हैरानी की बात ये है कि कांग्रेस नेता असलम शेख को ये बर्दाश्त नहीं हुआ और साल 2015 के जुलाई महीने में उन्होंने याकूब मेमन की फांसी रुकवाने की पूरी कोशिश की। यहां तक कि तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को खत लिख कर दया की अपील भी की थी। लेकिन राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी और 30 जुलाई साल 2015 को याकूब मेमन को फांसी पर लटका दिया गया। बात यहीं खत्म नहीं होती। याकूब मेमन जैसे आतंकी के लिए हमदर्दी दिखाने वाले कांग्रेस विधायक असलम शेख पर अब बीजेपी नेता भी लगता है प्यार लुटाने लगे हैं। इसीलिये कुछ ही दिनों पहले जब उनके बेटे हैदर असलम शेख की शादी थी तो। उनकी शादी में खुद सीएम देवेंद्र फडणवीस वर वधू को आशीर्वाद देने के लिए पहुंच गये। और खूब फोटो शूट भी करवाया।
एक तरफ जहां सीएम फडणवीस कांग्रेस विधायक असलम शेख से हाथ मिलाते नजर आए। तो वहीं दूसरी तरफ उन्हीं की सरकार में डिप्टी सीएम अजीत पवार भी असलम शेख के बेटे के शादी समारोह में पहुंचे।और वर वधू को आशीर्वाद भी दिया। जिनकी तस्वीरें खुद असलम शेख ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी। तो वहीं सीएम फडणवीस ने तो शादी समारोह में शामिल होने की एक भी तस्वीर सोशल मीडिया पर नहीं डाली। शायद दोनों ही नेताओं को कहीं ना कहीं अपने समर्थकों की नाराजगी का डर रहा होगा इसीलिये सोशल मीडिया पर फोटो नहीं डाली। लेकिन सोशल मीडिया इतना बड़ा प्लेटफार्म में कहीं ना कहीं फोटो दिख ही जाती है। वैसे नेताओं के घर शादी समारोह में जाना कोई गलत नहीं है। लेकिन हैरानी तब होती है जब यही नेता एक दूसरे के खिलाफ जहर उगलते हैं। और अपने समर्थकों को एक दूसरे से लड़ने पर मजबूर कर देते हैं। लेकिन चुनाव जीतते ही एक दूसरे के सगे बन जाते हैं।असलम शेख मामले में भी कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। क्योंकि महाराष्ट्र में जब विधानसभा चुनाव हो रहा था उस वक्त केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की एक रैली असलम शेख के विधानसभा क्षेत्र मलाड वेस्ट में भी थी। जहां उन्होंने बयान दिया था कि असलम शेख ने मलाड को कीचड़ में पिछड़ा बना दिया है उसके बदले कमल के साथ साथ विकास का तूफान लाना है।
मलाड वेस्ट में कमल का तूफान तो नहीं आया। असलम शेख ने जरूर जीत की चौकड़ी लगाई। और चुनावी कड़वाहट भूला कर खुद सीएम देवेंद्र फडणवीस उनके बेटे की शादी में आशीर्वाद देने भी पहुंचे। वैसे याकूब मेमन जैसे आतंकी की फांसी पर आंसू बहाने वाले असलम शेख के घर शादी समारोह में शामिल होने पर सीएम फडणवीस जैसे बीजेपी नेता के बारे में आपका क्या कहना है।
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