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Baba Kedarnath के दर पर CM Dhami, राष्ट्र कल्याण को लेकर की कामना

चार धाम यात्रा शुरू हो गई है। इस मौके पर खुद सीएम धामी केदारनाथ धाम पहुंचे, और पूजा-अर्चना की। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्र कल्याण को लेकर बड़ी बात कही है। पूरी रिपोर्ट देखिए।

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10 May 2024
( Updated: 09 Dec 2025
10:42 AM )
Baba Kedarnath के दर पर CM Dhami, राष्ट्र कल्याण को लेकर की कामना
चार धाम की यात्रा शुरू हो गई है। भक्तों का तांता लगा हुआ है। हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज रहा है। कहते हैं कि जैसे ही बाबा केदार के कपाट खुलते हैं, शिव की शक्ति और भक्तों की आस्था का सबसे सुंदर संयोग बनता है। केदारनाथ के बाद बारी है बदरीनाथ धाम की, जब वहां भी कपाट खुलेंगे। पुराणों में भी इस बात का जिक्र है कि केदारनाथ भक्तों के लिए सबसे सुंदर शिव नगरी है। इसीलिए यहां हर साल लाखों की संख्या में शिव भक्त पहुंचते हैं। और बाबा केदार का दर्शन करते हैं। 

केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही चार धाम की यात्रा शुरू हो जाती है। इस सुंदर मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद भी केदारनाथ पहुंचे। पहुंचने से पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से केदारनाथ मंदिर की तस्वीरें शेयर की थी, जिसमें मंदिर को फूलों से सजाया गया है। इसके साथ ही सीएम धामी ने लिखा कि । "केदारपुरी है तैयार  ।जय श्री केदार" ।

सीएम धामी ने एक वीडियो भी शेयर किया है, वीडियो में सीएम धामी केदारनाथ मंदिर के सामने हाथ जोड़े खड़े हैं। इसी वीडियो में हजारों भक्त भी मंदिर परिसर में दिख रहे हैं। एक और वीडियो है, जिसमें सीएम धामी खुद केदारनाथ मंदिर के मुख्यद्वार पर खड़े हैं। और मंदिर खोलने से पहले की पूजा-अर्चना की जा रही है। सीएम धामी के साथ उनकी पत्नी उषा धामी भी इस मौके पर साथ दिखीं। 

सीएम धामी के अलावा करीब दस हजार भक्त भी इस बार बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे। जो कि पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। इस बार धामी सरकार ने इसे लेकर प्लान भी तैयार किए हैं। 


सीएम धामी ने इस मौके पर केदारनाथ धाम परिसर में आयोजित लोक नृत्य को देखा। और देश के अलग अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं से उनकी यात्रा को लेकर बातचीत की। सीएम धामी ने भक्तों के बीच प्रसाद भी बांटे हैं। और अपने पूरे प्रदेश के सुख-समृद्धि और राष्ट्र की उन्नति को लेकर कामना भी की। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम को लेकर भक्तों के मन में सालों-साल से आस्था है। इन स्थानों को लेकर पहले से ही कुछ नियम हैं। और हर साल उसी नियम के अनुसार कपाट खोले और बंद किए जाते हैं। 

ऐसा माना जाता है कि आम भक्तों के दर्शन से करीब 6 घंटे पहले मुख्य पुजारी गर्भगृह में जाते हैं। और फिर भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है। इस सबसे अलग, उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग ने भक्तों से एक एडवाइजरी जारी की है, और कहा है कि इस बार पहाड़ों पर रूक-रूक कर बर्फबारी हो रही है। ऐसे में भक्त अपनी यात्रा के लिए ज्यादा दिन लेकर आएं। 

इधर, धामी सरकार को उम्मीद है कि इस साल भक्तों के पहुंचने का रिकॉर्ड बनने वाला है। इसलिए सरकार हर साल से ज्यादा हर मोर्चे पर तैयार है।  
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