Advertisement

छत्तीसगढ़: मानव तस्करी और धर्मांतरण केस में गिरफ्तार केरल की दो ननों और एक अन्य को NIA कोर्ट से मिली जमानत

दोनों नन आगरा के एक अस्पताल में कार्यरत थीं और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से तीन महिलाओं को आगरा ले जा रही थीं. इसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर उन्हें पकड़ा था. कार्यकर्ताओं की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों ननों और एक आदिवासी व्यक्ति को मानव तस्करी और धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया.

Author
02 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:49 AM )
छत्तीसगढ़: मानव तस्करी और धर्मांतरण केस में गिरफ्तार केरल की दो ननों और एक अन्य को NIA कोर्ट से मिली जमानत
Google

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित एनआईए कोर्ट ने शनिवार को केरल की दो कैथोलिक ननों को जमानत दे दी, जिन्हें पिछले हफ्ते मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी की थी.

एनआईए कोर्ट से केरल की दो कैथोलिक ननों को मिली जमानत 

कैथोलिक नन प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस, केरल के अलप्पुझा जिले में सिरो-मालाबार चर्च के अंतर्गत आने वाली असीसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इमैक्युलेट से जुड़ी हैं. एनआईए कोर्ट ने दोनों को 50-50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया. साथ ही, उन्हें अपने पासपोर्ट जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

मानव तस्करी से जुड़ा है मामला 

इससे पहले, छत्तीसगढ़ की एक सेशन कोर्ट ने दो ननों की जमानत याचिका को यह कहते खारिज कर दिया था कि उसके पास मामले में सुनवाई का अधिकार नहीं है. सेशन कोर्ट ने टिप्पणी में कहा, "चूंकि यह प्रकरण मानव तस्करी से जुड़ा हुआ है, इसलिए मामले में सुनवाई का अधिकार एनआईए कोर्ट का है."

सेशन कोर्ट के बाद बिलासपुर स्थित एनआईए कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर शनिवार को फैसला आया. फिलहाल, एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद दोनों ननों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.

दोनों ननों पर धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप

दोनों नन आगरा के एक अस्पताल में कार्यरत थीं और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से तीन महिलाओं को आगरा ले जा रही थीं. इसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर उन्हें पकड़ा था. कार्यकर्ताओं की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों ननों और एक आदिवासी व्यक्ति को मानव तस्करी और धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया.

ननों की गिरफ्तारी के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा था. छत्तीसगढ़ के अलावा केरल और दिल्ली में भी कई विपक्षी दलों के नेताओं ने इस गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) वृंदा करात समेत कुछ नेता जेल में इन ननों से मिलने भी पहुंचे थे. वृंदा करात ने आरोप लगाए कि ननों की गिरफ्तारी असंवैधानिक और अवैध है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें