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Amazon और Flipkart के गोदामों में BIS की छापेमारी! 7 करोड़ के सामान जब्त! आखिर क्यों हुई कार्रवाई ?

अमेजॉन से जुड़ी एक सहायक कंपनी के गोदाम से लगभग 7 करोड़ रूपये के गीजर और फूड मिक्सर बरामद किए गए हैं। इन सभी उत्पादों को नकली सर्टिफिकेशन लेबल के जरिए बेचा जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इस पर किसी भी तरह का "स्टैंडर्ड क्वालिटी कंट्रोल मार्क" नहीं था। वहीं फ्लिपकार्ट के यूनिट पर भी BIS की छापेमारी हुई है। जिसमें 6 लाख तक के स्पोर्ट्स शूज बरामद किए गए हैं। इन सभी बरामद शूज को बाजार में भेजे जाने की तैयारी थी। इस पर भी प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन नहीं था।

Amazon और Flipkart के गोदामों में BIS की छापेमारी! 7 करोड़ के सामान जब्त! आखिर क्यों हुई कार्रवाई ?
देश की दो बड़ी ई-कॉमर्स शॉपिंग कंपनियों के दिल्ली स्थित गोदामों में BIS की छापेमारी हुई है। दोनों कंपनियों के कई प्रोडक्ट्स जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई अनिवार्य मानकों पर खरा न उतरने की वजह से हुई है। अमेजॉन से जुड़ी एक सहायक कंपनी के गोदाम से लगभग 7 करोड़ रूपये के गीजर और फूड मिक्सर बरामद किए गए हैं।इन सभी उत्पादों को नकली सर्टिफिकेशन लेबल के जरिए बेचा जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इस पर किसी भी तरह का "स्टैंडर्ड क्वालिटी कंट्रोल मार्क" नहीं था। 

फ्लिपकार्ट के यूनिट से 6 लाख के स्पोर्ट्स शूज जब्त 

अमेजॉन की सहायक कंपनी के बाद फ्लिपकार्ट के यूनिट पर भी BIS की छापेमारी हुई है। जिसमें 6 लाख तक के स्पोर्ट्स शूज बरामद किए गए हैं। इन सभी बरामद शूज को बाजार में भेजे जाने की तैयारी थी। इस पर भी प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन नहीं था। बता दें कि  थोड़े दिन पहले भी BIS की ऐसे ही कार्रवाई हुई थी। जहां बिना अनिवार्य लेबल के सामान को बेचा और स्टोर किया जा रहा था। 

ई-कॉमर्स कंपनियों पर भारत ने कसा शिकंजा 

अमेजॉन और फ्लिपकार्ट दोनों ही देश की टॉप  ई-कॉमर्स शॉपिंग कम्पनियां हैं। एक कंसल्टिंग फर्म के मुताबिक साल 2023 में ई-कॉमर्स बाजार 57 अरब से 60 अरब डॉलर के बीच था। लेकिन साल 2028 तक यह आंकड़ा 160 अरब डॉलर के पार जा रहा है। लेकिन वर्तमान में दोनों ही कंपनियां देश में कई तरह की नियामक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। साल 2023 में कंपटीशन कमीशन ऑफ़ इंडिया के मुताबिक खबर आई थी कि यह दोनों प्लेटफार्म कुछ चुनिंदा सेलर्स को प्राथमिकता देकर कंपटीशन से जुड़े नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। अमेजॉन पर साल 2021 में भी आरोप लगा था। जिसमें एक जांच में पाया गया था कि यह कंपनी कुछ चुनिंदा सेलर्स को विशेष लाभ पहुंचा कर भारतीय नियमों को दरकिनार करती थी। हालांकि, इस आरोप पर अमेजॉन की तरफ से सफाई आई थी। उसने इस तरह से कोई भी बात होने से इनकार किया था। 

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