Advertisement

दिल्ली-NCR के सारे आवारा कुत्ते जाएंगे शेल्टर होम, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश, कहा- अगर कोई इन निर्देशों में रुकावट डालेगा तो…

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार, MCD और NDMC को निर्देश दिया है कि वे तुरंत सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को पकड़ना शुरू करें. अदालत ने यह भी साफ किया कि इस मामले में भावनाओं से ज्यादा आम जनता की सुरक्षा जरूरी है.

Author
11 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:16 AM )
दिल्ली-NCR के सारे आवारा कुत्ते जाएंगे शेल्टर होम, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश, कहा- अगर कोई इन निर्देशों में रुकावट डालेगा तो…
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर खुद संज्ञान लिया है. कोर्ट ने दिल्ली सरकार, MCD और NDMC को तुरंत सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को पकड़ना शुरू करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि पकड़े गए कुत्तों का पुनर्वास किया जाएगा. अदालत ने यह भी साफ किया कि इस मामले में भावनाओं से ज्यादा आम जनता की सुरक्षा जरूरी है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार, MCD और NDMC को निर्देश दिया है कि वे तुरंत सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को पकड़ना शुरू करें. कोर्ट ने कहा कि यह कदम बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, ताकि वे बिना डर के पार्क और सड़कों पर जा सकें. कोर्ट ने साफ किया कि पकड़े गए कुत्तों को किसी भी हालत में वापस उसी जगह नहीं छोड़ा जाएगा. इस निर्देश का मकसद राष्ट्रीय राजधानी को आवारा कुत्तों से मुक्त करना है.

SC का शेल्टर होम बनाने का निर्देश 
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार, MCD और NDMC को 8 हफ्तों के भीतर करीब 5000 कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि इन शेल्टर्स में कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए पर्याप्त स्टाफ होना चाहिए. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यह ढांचा जल्दी तैयार करें और समय-समय पर इसकी क्षमता बढ़ाते रहें. कोर्ट ने कहा कि यह कदम जरूरी है, क्योंकि जब तक शेल्टर तैयार नहीं होते, तब तक और लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो सकते हैं.

निर्देश के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई 
सुप्रीम कोर्ट ने सभी अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर एक हेल्पलाइन शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि कुत्तों के काटने की शिकायत तुरंत दर्ज हो सके. कोर्ट ने कहा कि शिकायत मिलने के 4 घंटे के अंदर उस कुत्ते को पकड़ना जरूरी है. कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन इन निर्देशों में रुकावट डालेगा, तो उसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा एक गांव में डॉग शेल्टर पर लगाई गई रोक पर जल्द सुनवाई होगी. अदालत ने जोर दिया कि तुरंत ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सड़कों पर सुरक्षित रहें और उन्हें रेबीज का खतरा न हो.

नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के लिए भी निर्देश जारी 
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के अधिकारियों को भी वही निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने सभी जगहों पर आवारा कुत्तों को पकड़ने, शेल्टर होम बनाने और हेल्पलाइन शुरू करने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि लोग बिना डर के बाहर निकल सकें. कोर्ट ने साफ किया कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए और किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

'दिल्ली को बनाया जाएगा रेबीज मुक्त…’ 
दिल्ली में विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार शहर में आवारा कुत्तों को आश्रय गृहों में स्थानांतरित करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को समयबद्ध तरीके से लागू करेगी. उन्होंने कहा कि यह फैसला दिल्ली को रेबीज और आवारा पशुओं के भय से मुक्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगा. कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, दिल्ली सरकार का पशु विभाग सभी एजेंसियों के साथ मिलकर इस निर्देश का अध्ययन करेगा और इसके उचित कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगा."

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें