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चीन की सीमा के पास भारत के 150 गांवों की बदली तस्वीर, जानिए कैसे मिली बड़ी सफलता

तवांग के डिप्टी कमिश्नर नामग्याल आंगमो ने बताया कि 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के दूसरे चरण में और ज्यादा गांव को जोड़ा गया है. इन गांवों को सड़क मार्ग के अलावा डिजिटली भी जोड़ा गया है.

चीन की सीमा के पास भारत के 150 गांवों की बदली तस्वीर, जानिए कैसे मिली बड़ी सफलता

चीन बॉर्डर के पास भारत को बड़ी सफलता मिली है. अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में सीमा से सटे लगभग 150 सौ गांव की तस्वीर तेजी से बदल रही है. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा यहां 'वाइब्रेट विलेज परियोजना' के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास का काम काफी तेजी से चल रहा है. सीमा से सटे इलाकों में मजबूत पकड़ और चीन के विस्तारवादी इरादे को मात देने के लिए भारत का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है. वहीं हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तवांग में 147 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुए एक 'कन्वेंशन सेंटर' का भी उद्घाटन किया था. 

चीन सीमा से सटे 150 सौ गांवों तस्वीर तेजी से बदल रही 

तवांग के डिप्टी कमिश्नर नामग्याल आंगमो ने बताया कि 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के दूसरे चरण में और ज्यादा गांव को जोड़ा गया है. इन गांवों को सड़क मार्ग के अलावा डिजिटली भी जोड़ा गया है. 

पीएम मोदी ने कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया था 

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल यहां सबसे लंबी हाई एल्टीट्यूड रोड टनल का उद्घाटन किया था. डिप्टी कमिश्नर आंगमो ने बताया कि तवांग में फुटबॉल का क्रेज बढ़ रहा है. मागो और चुना में दूर-दूर से लोग फुटबॉल खेलने के लिए आते हैं. 

बदल रहा है अरुणाचल प्रदेश 

एक दिन पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि 'अरुणाचल प्रदेश नए हवाई अड्डों से लेकर सशक्त, स्वयं सहायता समूहों तक और कनेक्टिविटी से लेकर रचनात्मक विकसित भारत की भावना को प्रतिबिंबित करता है. अब पूर्वोत्तर भारत के विकास की गाथा की परिधि नहीं, बल्कि केंद्र बिंदु है. यह देश की विकास यात्रा में अरुणाचल प्रदेश में परिवर्तन और उसके बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है.' 

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