Advertisement

महाकुंभ में फिट इंडिया अभियान: गाजियाबाद से प्रयागराज तक 600 किमी की साइकिल यात्रा

फिट इंडिया अभियान के तहत महाकुंभ में गाजियाबाद से प्रयागराज तक 600 किमी की साइकिल यात्रा आयोजित की गई, जो स्वस्थ जीवनशैली और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

Author
26 Feb 2025
( Updated: 06 Dec 2025
10:24 PM )
महाकुंभ में फिट इंडिया अभियान: गाजियाबाद से प्रयागराज तक 600 किमी की साइकिल यात्रा
गाजियाबाद के रहने वाले धनंजय ने एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने गाजियाबाद से प्रयागराज तक 600 किलोमीटर से अधिक की दूरी साइकिल से तय की, ताकि वे महाकुंभ मेले में शामिल हो सकें। धनंजय ने बताया कि उन्होंने अपनी यात्रा रविवार सुबह 3 बजे शुरू की और लगातार साइकिल चलाते हुए प्रयागराज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छोटे-छोटे ब्रेक लिए, लेकिन उनका हौसला कभी कम नहीं हुआ।

फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने का संदेश

धनंजय का मकसद सिर्फ महाकुंभ में शामिल होना ही नहीं था, बल्कि वे एक खास संदेश भी लेकर आए हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा दे रहे हैं। 

धनंजय का कहना है कि आजकल लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या और स्क्रीन टाइम में इतने उलझ गए हैं कि वे अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते। वे चाहते हैं कि लोग अपने बिजी शेड्यूल से थोड़ा वक्त निकालकर व्यायाम करें और शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।

महाकुंभ में पहुंचकर धनंजय ने न सिर्फ अपनी फिटनेस का सबूत दिया, बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल कायम की। उनका यह प्रयास लोगों को प्रेरित करने वाला है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। धनंजय का मानना है कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सक्रिय जीवनशैली बेहद जरूरी है।

बुधवार दोपहर तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में पवित्र त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगा चुके है। वहीं, महाकुंभ अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लंदन, ब्राजील, मैक्सिको और अमेरिका समेत दुनिया के कई अन्य देशों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान किया।

उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी से 26 फरवरी के मध्य आयोजित किए गए महाकुंभ ने विश्व भर से करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित किया। विदेशी भक्तों के अनुभव इस बात का प्रमाण हैं कि महाकुंभ न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आतिथ्य का वैश्विक मंच भी बन गया है।


Input : IANS

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें