पुनर्नवा के फायदे: किडनी और दिल की समस्याओं के लिए असरदार इलाज

पुनर्नवा एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी है, जो किडनी और दिल की सेहत को सुधारने में मदद करती है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, सूजन कम करने और रक्तदाब को नियंत्रित करने में कारगर है। जानें, कैसे इसका सही इस्तेमाल करें।

Author
28 Feb 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:25 PM )
पुनर्नवा के फायदे: किडनी और दिल की समस्याओं के लिए असरदार इलाज
शायद ही ऐसी कोई शारीरिक समस्या हो, जिसका समाधान आयुर्वेद में न हो। फिर बात गुर्दे से संबंधित हो तो सबसे पहला नाम आता है ‘पुनर्नवा’ का। पुनर्नवा को आयुर्वेद में रामबाण, अमृत जैसी उपाधियों से भी नवाजा जा चुका है। यह छोटा सा पौधा बड़े-बड़े लाभ देता है। यह न केवल गुर्दे, बल्कि हृदय के लिए भी टॉनिक का काम करता है। 

दरअसल, ‘पुनर्नवा’ एक संस्कृत शब्द है, जो पुनर और नव दो शब्दों से मिलकर बना है। ‘पुनर’ का अर्थ ‘एक बार फिर’ और ‘नव’ का मतलब ‘नया बनना’ है। ‘पुनर्नवा’ एक औषधीय जड़ी बूटी है, जिसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं।

क्यों पुनर्नवा को रामबाण माना जाता है?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन की वेबसाइट पर छपे एक अध्ययन के मुताबिक, पुनर्नवा में इम्यूनो मॉड्यूलेशन, हेपेटो प्रोटेक्शन, एंटी कैंसर, एंटीडायबिटिक, एंटी-इन्फ्लेमेशन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो कई बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं।

बताया जाता है कि इस औषधीय जड़ी बूटी का इस्तेमाल इसके गुणों के कारण गुर्दे और मूत्र संबंधी समस्याओं के इलाज में किया जाता है। ‘पुनर्नवा’ को हृदय और गुर्दे दोनों के लिए रामबाण माना गया है। हालांकि, यह जड़ी बूटी खाने में कड़वी और तीखी होती है, लेकिन आयुर्वेदिक उपचार में यह कारगर है।


पुनर्नवा के अन्य लाभ

‘पुनर्नवा’ को पीलिया, बुखार और मोटापे के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी जड़ का रस भी काफी खास होता है, जो रतौंधी से पीड़ित लोगों की मदद करता है। इतना ही नहीं, सामयिक उपयोग दर्द और सूजन को भी कम करने का काम करता है। इसके अलावा, यह अस्थमा को कम करने के लिए भी जाना जाता है।

इस जड़ी बूटी में मैग्नीशियम, सोडियम, कैल्शियम और पोटेशियम सहित मैक्रो खनिजों का एक मूल्यवान स्रोत होता है। मैग्नीशियम रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही, मधुमेह को भी नियंत्रित करने में ‘पुनर्नवा’ को फायदेमंद माना जाता है।

‘पुनर्नवा’ मधुमेह के अलावा अस्थमा, मोटापे का इलाज, ड्रॉप्सी, जलोदर, पेट के कीड़ों को मारने, रतौंधी (आंखों की एक बीमारी), दर्द और सूजन को कम करने, किडनी की समस्याओं को ठीक करने, त्वचा रोगों, एनीमिया, कब्ज के लिए लाभकारी है। स्वास्थ्य लाभों के लिए आमतौर पर पूरे पौधे या जड़ों का उपयोग किया जाता है।

Input : IANS

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें