सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का भी ख्याल रखता है हींग...जानें कैसे ये एक मसाला दूर करता है कई बीमारियां

हींग हमारी रसोई का एक छोटा लेकिन शक्तिशाली सदस्य है. यह सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाती, बल्कि पेट की समस्याओं से लेकर दांत दर्द तक, कई छोटी-मोटी बीमारियों में तुरंत राहत दिलाने में सक्षम है. यह आयुर्वेद का एक अनमोल उपहार है, जिसे सही तरीके से इस्तेमाल करने पर आप बिना दवाओं के भी कई परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं.

सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का भी ख्याल रखता है हींग...जानें कैसे ये एक मसाला दूर करता है कई बीमारियां

भारतीय रसोई सिर्फ खाना पकाने की जगह नहीं, बल्कि कई सदियों पुराने औषधीय रहस्यों का खजाना भी है. इन रहस्यों में से एक है हींग - एक ऐसा मसाला जो न सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि अपने औषधीय गुणों के कारण कई आम स्वास्थ्य समस्याओं का पल भर में समाधान भी करता है. हींग की एक चुटकी पेट की गड़बड़ी से लेकर दांत दर्द तक, कई तरह के दर्द और परेशानियों से राहत दिलाने में बेहद कारगर साबित हो सकती है.

हींग से मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ 

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (एनएलएम) के एक अध्ययन के अनुसार, हींग का उपयोग पारंपरिक रूप से काली खांसी, अस्थमा, अल्सर, मिर्गी, पेट दर्द, पेट फूलना, ब्रोंकाइटिस, आंतों को नुकसान पहुंचा रहे बैक्टीरिया, ऐंठन, कमजोर पाचन और इन्फ्लूएंजा जैसी कई दिक्कतों को ठीक करने में किया जाता है. 

हींग का वानस्पतिक नाम फेरूला ऐसाफोइटिडा है, जो भारत के दक्षिण प्रांत में पाई जाती है. भारत में हींग का आयात मुख्य रूप से अफगानिस्तान से किया जाता है; कुछ मात्रा में उज्बेकिस्तान और ईरान से भी हींग आयात होती है. 

चरक संहिता में इसे पाचन में सुधार करने, गैस और सूजन को कम करने और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए उपयोगी माना जाता है. जिन लोगों को भूख नहीं लगती या जिन्हें भोजन पचाने में समस्या होती है, उनके लिए हींग अत्यंत उपयोगी है. 

दांत में हो रहे दर्द से भी आराम दिलाता है हींग 

चुटकी भर हींग का इस्तेमाल दांतों में हो रहे दर्द से आराम दिलाने में भी किया जाता है. दांत दर्द होने पर हींग में कपूर मिलाकर दर्द वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है. घरेलू नुस्खों की बात करें तो तिल के तेल में हींग पकाकर उस तेल की बूंदें कान में डालने से भी दर्द कम होता है. 

रोजाना दाल, कढ़ी और सब्जियों में हींग डालने से भोजन आसानी से पचता है. शोध बताते हैं कि हींग शरीर में इंसुलिन बढ़ाकर ब्लड शुगर को कम करने में सहायक होती है. 

हींग में कौमारिन नामक तत्व मौजूद होता है जो खून को पतला करने और जमने से बचाता है. यह बढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल को कम कर उच्च रक्तचाप घटाता है. छाछ या भोजन के साथ हींग खाने से पेट की गैस, हैजा और पेट दर्द में राहत मिलती है. हींग में ऐसी ताकत होती है जो कैंसर बढ़ाने वाले सेल को रोकती है. 

प्रसव के बाद हींग लेने से गर्भाशय साफ होता है और पेट संबंधी परेशानी नहीं होती. माइग्रेन और सिरदर्द में आधा कप पानी में हींग मिलाकर पीने से आराम मिलता है, लेकिन शिशुओं या फिर किसी भी तरह की एलर्जी से जूझ रहे लोगों को इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए. 

हींग हमारी रसोई का एक छोटा लेकिन शक्तिशाली सदस्य है. यह सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाती, बल्कि पेट की समस्याओं से लेकर दांत दर्द तक, कई छोटी-मोटी बीमारियों में तुरंत राहत दिलाने में सक्षम है. यह आयुर्वेद का एक अनमोल उपहार है, जिसे सही तरीके से इस्तेमाल करने पर आप बिना दवाओं के भी कई परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं. तो अगली बार जब पेट में गड़बड़ हो या दांत में दर्द सताए, तो हींग की एक चुटकी आज़माएं और इसके कमाल देखें. 

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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