1 रुपये में सोना उगल रही प्रभु राम की नगरी को योगी बाबा ने बना डाली अपने सपनों की अयोध्या

एक रुपये में योगी ने किसको दी अयोध्या ? अब क्या 1 रुपये में बदल जाएगी अयोध्या ? एक रुपये के बदले में रतन टाटा करेंगे क्या कमाल ?देखिये सिर्फ़ धर्म ज्ञान पर

1 रुपये में सोना उगल रही प्रभु राम की नगरी को योगी बाबा ने बना डाली अपने सपनों की अयोध्या

इन दिनों हर कोई अयोध्या के लिए दौड़ लगा रहा है। प्रभु रामलला के दर्शनों के राम भक्तों की भीड़ शबाब पर है और अयोध्या की रौनक़ से दुनिया गुलज़ार है लेकिन क्या आप जानते हैं , प्रभु राम की इसी नगरी को अपने सपनों की अयोध्या बनाने के लिए योगी बाबा मात्र एक रुपये की टोकन मनी पर सोना उगल रही अयोध्या को स्वर्ग बनाने जा रहे हैं। यानी की 1 रुपये के तर्ज़ पर अयोध्या में अब एक ऐसा बदलाव आने वाला है, जिसके चलते राम भक्तों की तादाद लाखों से करोड़ों में हो जाएगी क्या है ये पूरा मामला, आईये आपको बताते हैं। 

क्षिप्रा किनारे बसी अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर प्रत्येक राम भक्त का सपना था, जो अब पूरा हो चुका है। नव्य…दिव्य..भव्य राम मंदिर की सुंदरता सातवें आसमान पर है और मंदिर में स्थापित रामलला के दर्शन पावन हैं। ऐसा नहीं है कि अयोध्या की दुनिया सिर्फ़ राम मंदिर तक ही सीमित है, बल्कि मंदिर की आड़ में अयोध्या की बदलती तस्वीर में सड़कों का चौड़ीकरण, अयोध्या धाम स्टेशन, इटरनेश्नल एयरपोर्ट और धर्म नगरी में बहती विकास की धारा भी शामिल है। इसी कड़ी में अब अगला नंबर टेंपल म्‍यूजियम यानी मंदिरों का संग्रहालय है, जिसके लिए सोना उगल रही अयोध्या की जमनी को मात्र 1 रुपये में टाटा संस को दी गई है यानी की 1 रुपये के तर्ज़ पर अयोध्या की तस्वीर बदलने में योगी बाबा जुट चुके हैं। अयोध्या को लेकर क्या कहता है , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजोक्ट देखिये सिर्फ़ धर्म ज्ञान पर। 

यह भी पढ़ें

आज की डेट में अयोध्या आने वाले तीर्थयात्री और पर्यटकों की संख्या 2 से 4 लाख के बीच में है लेकिन टेंपल ऑफ म्‍यूजियम बन जाने के बाद , यही आँकड़ा बढ़कर करोड़ों में पहुँच सकता है। जिसको लेकर सीएम योगी का मेगा प्लान बिलकुल रेडी है। हाल ही में योगी सरकार ने रतन टाटा की टाटा संस कंपनी को महज 1 रुपये सालाना किराये पर जमीन दी है यानी की 90 साल के पट्टे पर मात्र एक रुपये की टोकन मनी पर अयोध्या की जमीन उपलब्ध कराई है, जिस पर 750 करोड़ रुपये की लागत से 'मंदिरों का संग्रहालय बनाया जाएगा और संग्रहालय बनाने के लिए पर्यटन विभाग ज़मीन देगा। आलम ये है कि अब सरयू किनारे तक़रीबन 50 एकड़ में बनाने वाले मंदिर संग्रहालय के लिए ज़मीन की तलाश शुरु हो चुकी है। अब आप ये भी जनना चाह रहे होंगे कि ये टेंपल ऑफ म्यूज़ियम आख़िर है क्या ?

टेंपल ऑफ म्यूज़ियम यानी मंदिर संग्रहालय में भारत के प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर बनाए जाएँगे, ताकी अयोध्या में दुनियाभर के मंदिरों के दर्शन हो सके। इसी के साथ देश की युवा पीढ़ी को भारत की टेक्नोलॉजी के साथ -साथ पूजा पद्धति और उसके महत्व के बारे में परिचित हो सके। मंदिरों के म्यूजियम में एक लाइट-एंड-साउंड शो की भी व्यवस्था बनाई जाएगी। मंदिरों के संग्रहालय के इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत पसंद किया था।अब जो कि मंदिरों का म्यूजियम बनाने की ज़िम्मेदारी टाटा ग्रुप के कंधों पर है यानी की रतन टाटा के हाथों में, इसलिए ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि भविष्य में बनने वाला अयोध्या का टेंपल म्जूजियम कितना भव्य और दिव्य होगा। 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें