कार्तिक मास की द्वितीया तिथि पर इस तरह करें भगवान गणेश की पूजा और पाएं सुख-समृद्धि, जानें किन बातों से रहें सावधान

इस वर्ष कार्तिक मास की द्वितीया तिथि बुधवार को मनाई जा रही है. ये दिन विघ्नहर्ता गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है. इस दिन विधि पूर्वक पूजा-अर्चना से बुद्धि-ज्ञान में वृद्धि होती है तथा बुध दोष नष्ट हो जाते हैं. इस दिन कार्तिक स्नान, तुलसी पूजा और विष्णु पूजा का भी बहुत महत्व होता है. क्योंकि भगवान विष्णु लंबे विश्राम के बाद जाग रहे हैं. ऐसे में आप इस खास दिन का लाभ उठाते हुए किस तरह से पूजा-अर्चना कर सकते हैं, किस विधि से व्रत रख सकते हैं और किन बातों से सावधान हो सकते हैं? जानें…

Author
07 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:16 AM )
कार्तिक मास की द्वितीया तिथि पर इस तरह करें भगवान गणेश की पूजा और पाएं सुख-समृद्धि, जानें किन बातों से रहें सावधान

कार्तिक मास की द्वितीया तिथि बुधवार को है, जो भगवान गणेश और बुध को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से बुद्धि, ज्ञान, और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और बुध ग्रह से संबंधित दोष दूर होते हैं. ऐसे में आप किस तरह पूजा पाठ कर सकते हैं आइए जानते हैं. 

द्रिक पंचांग के अनुसार, बुधवार के दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे. अभिजीत मुहूर्त नहीं है और राहुकाल का समय दोपहर के 12 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 1 बजकर 36 मिनट तक रहेगा.

बुधवार को इस तरह रखें व्रत

बुधवार के व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में नित्यकर्म- स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ कर एक चौकी पर कपड़ा बिछाएं और पूजन सामग्री रखें. ईशान कोण उत्तर-पूर्व की ओर मुख करके बैठें. भगवान गणेश को पंचामृत जल, दूध, दही, शहद, घी और जल से स्नान कराएं. फिर सिंदूर और घी का लेप लगाएं. जनेऊ, रोली, दूर्वा और पीले-लाल फूल अर्पित करें. बुध देव को हरे वस्त्र और दाल चढ़ाएं. लड्डू, हलवा या मीठा भोग लगाकर गणेश और बुध देव के मंत्रों का जाप करें. व्रत कथा सुनें और आरती करें. 12 व्रतों के बाद उद्यापन करें.

कार्तिक मास की शुरुआत में ये कार्य जरूर करें

इसी के साथ ही कार्तिक मास की शुरुआत भी हो चुकी है. इस मास में भगवान विष्णु लंबे विश्राम के बाद जागते हैं. भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा से संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है. पूरे महीने सूर्योदय से पहले नदी में स्नान या घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करना पुण्यदायी माना जाता है, जिसे कार्तिक स्नान कहते हैं. साथ ही भजन-कीर्तन, दीपदान और तुलसी पूजा करना भी शुभदायी होता है. कार्तिक मास में श्रीहरि और माता लक्ष्मी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है. रोजाना तुलसी पूजा, सुबह-शाम घी का दीपक जलाना और गीता का पाठ करना चाहिए.

किन कार्यों से रहें सावधान?

यह भी पढ़ें

कार्तिक मास में तामसिक भोजन, गलत शब्दों का प्रयोग और तन-मन की अशुद्धता से बचना चाहिए. पशु-पक्षियों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. यह मास भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है. इन कार्यों से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें