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ट्रंप की सत्ता में क्या खंड-खंड हो जाएगा ताकतवर अमेरिका ? Swami Yo की भविष्यवाणी

भारत-पाकिस्तान के सीजफायर के बीच किस आधार पर स्वामी यो अमेरिका को टूटता हुआ देख रहे हैं और क्या ट्रंप के रहते यूनाईटेड स्टेट यूनाईटेड नहीं रह पायेगा.

ट्रंप की सत्ता में क्या खंड-खंड हो जाएगा ताकतवर अमेरिका ? Swami Yo की भविष्यवाणी
1947 तक भारत को खंड-खंड होता पूरी दुनिया ने देखा है, लेकिन अब क्या ताकतवर अमेरिका टूटता हुआ नज़र आएगा? आज ये सवाल इसलिए क्योंकि भारत-पाक के बीच सीजफायर का क्रेडिट लेने में लगा अमेरिका आज तक किसी का सगा नहीं हुआ, लेकिन क्या ख़ुद की जनता के लिए वफ़ादार रह पाएगा ? पीएम मोदी को अपना बेस्ट फ्रैंड बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मौक़ा मिलते ही अपनी ग़द्दारी का परिचय उस समय दिया, जब अचनाक से उनका पाकिस्तानी प्रेम प्रकट हो गया। शुरुआत में ट्रंप ने पहलगाम आतंकी हमले की आलोचना तो की, लेकिन पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ना कोई एक्शन लिया. उलटा आतंक के गढ़ को लगे हाथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 1 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज दिलवा दिया. अमेरिका चाहता, तो पाकिस्तान को मिलने वाली इस आर्थिक मदद में अड़ंगा डाल सकता था. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा शरीफ़ ये क़बूल कर चुके हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता रहा, जिसका ख़ामियाज़ा उन्हें ख़ुद भुगतना पड़ा और दुनिया इस बात से वाक़िफ़ है कि अरबों डॉलर की आर्थिक सहायता पाकिस्तान में आतंकियों को पोषित करने में इस्तेमाल होती है. ऊपर से भारत के साफ़ इनकार करने के बावजूद ट्रंप का बार-बार सीजफायर का क्रेडिट लेना.दोनों मुल्कों की दोस्ती में दरार पैदा करती है.  हालाँकि ट्रंप से क्या सीखने की ज़रूरत इस वक़्त पीएम मोदी और सीएम योगी जी को है..इस पर पर स्वामी यो की 1 मिनट की बात सुनना बहुत ज़रूरी है.

इसी कड़ी में अमेरिका के खंड-खंड होने की स्वामी यो की भविष्यवाणी अचंभित करती है. हम सभी जानते हैं कि भारत से सात समंदर पार अमेरिका, एक ऐसा देश जिसकी गिनती विश्व के पॉवरफुल देशों में होती है. आज की डेट में एक ऐसी विश्व शक्ति, जिसके आगे टिक पाना आज भी किसी चुनौती से कम नहीं. यहाँ आकर उच्च शिक्षा हासिल करना और  नौकरी करके डॉलर में कमाना. अमूमन भारतीयों का ख़्वाब रहा है, आज अपने इसी ख़्वाब को हक़ीक़त का रूप दे चुके भारतीय पूरे अमेरिका को चला भी रहे हैं. Microsoft से लेकर Google और You Tube जैसी  बड़ी-बड़ी कंपनियों के शीर्ष पर भारतीय मूल के लोग काबिज है. अमेरिकी की राजनीति में भी हिंदुत्व का कार्ड चलता है. ऐसे में क्या अमेरिका की नीयती में उसका खंड-खंड होना लिखा है ? किस आधार पर स्वामी यो अमेरिका को टूटता हुआ देख रहे हैं और क्या ट्रंप के रहते यूनाईटेड स्टेट यूनाईटेड नहीं रह पायेगा.

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