महाकुँभ हादसे के बाद योगी और जगतगुरु ने मिलकर क्या कार्य किया ?

महाकुंभ में अब जब हालात कंट्रोल में है, तो इस हादसे के बाद जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य की चौखट पर पहुँचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किस कार्य को अंजाम दिया ….देखिये इस पर हमारी ये ख़ास रिपोर्ट…

महाकुँभ हादसे के बाद योगी और जगतगुरु ने मिलकर क्या कार्य किया ?
महाकुंभ की विराट पिक्चर, महाकुंभ की भव्यता और महाकुंभ की दिव्यता, विश्व पटल पर छाई हुई है।जो कोई भी महाकुंभ पहुँचा या फिर जो लोग अभी तक महाकुंभ जा रहे हैं, वो धन्य हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि 144 साल बाद दुर्लभ संयोग में आए इस महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाना। शुद्ध मन और तन से आचमन कर माँ गंगा के आगे नतमस्तक होना। शंकराचार्य , 3 अखाड़ों के सानिध्य में सनातन की गहराई को समझना और नागा संन्यासियों से सनातन की रक्षा सूत्र को ग्रहण करना, अपने आप में अलौकिक भी और आनंदित भी है।

हालाँकि महाकुंभ भ की इसी रौनक़ को उस वक़्त ग्रहण लगा, जब मौनी अमावस्या पर मची भगदड़ में संगम तट पर श्रद्धालु मारे गये और हज़ारों की संख्या में लोग घायल हुए।हालाँकि इस हादसे को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने योगी बाबा को सवालों के कठघरे में खड़ा किया।लेकिन अब जब हालात कंट्रोल में है, तो इस हादसे के बाद जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य की चौखट पर पहुँचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किस कार्य को अंजाम दिया ।

महाकुंभ हादसे के बाद देश का संत समाज दो धड़ों में बंट चुका है। योगी से क्रोधित चल रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज हैं, जिन्होंने उनके इस्तीफ़े की माँग की है। उन पर धोखा देने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ़ 13 अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर हैं,जो योगी की ढाल बनकर शंकराचार्य की माँग को ग़लत करार दे रहे हैं। इसी कड़ी में जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य भी हैं,जो आज भी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को शंकराचार्य मानने से साफ़ इनकार कर रहे हैं। जिस पर अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का कहना है कि वो सत्ता के प्रति मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। इन सबके बीच महाकुंभ में जगत गुरु और योगी बाबा, एक साथ देखने को मिले। बीते दिनों मौक़ा था, पट्टाभिषेक कार्यक्रम का।

जिसमें विष्णुस्वामी संप्रदाय के सतुआ बाबा का पट्टाभिषेक करके उन्हें जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य घोषित किया गया और डॉ. वेदांती जी महाराज का पट्टाभिषेक करके उन्हें जगद्गुरु स्वामी कमलाचार्य महाराज बनाया गया, और ये सब जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य और मठाधीश योगी बाबा की मौजूदगी में हुआ। तो  एक लंबे समय बाद ,महाकुंभ की मिट्ठी पर जगतगुरु और योगी जी , एक साथ सामने आए।ये जग ज़ाहिर है कि योगी जी के दो बार मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी किसी और ने नहीं, बल्कि स्वामी रामभद्राचार्य ने ही की थी ।और 2027 चुनाव में भी योगी के जीतने की बात पहले ही कह चुके हैं।

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