घने जंगलों के बीच बसा एक ऐसा मंदिर जहां बाघ रोजाना करने आता है मां के दर्शन, नवरात्रि में लगता है भव्य मेला

बिहार के बगहा से लगभग 17 किलोमीटर दूर, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बसा है एक ऐसा मंदिर है जहां मां सिद्धिदात्री पिंडी देवी के रूप में विराजमान हैं. मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं हैं जो आज भी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. इतना ही नहीं, नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में भव्य मेला भी लगता है जिसमें नेपाल और बिहार के लाखों भक्त शामिल होते हैं.

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23 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:15 AM )
घने जंगलों के बीच बसा एक ऐसा मंदिर जहां बाघ रोजाना करने आता है मां के दर्शन, नवरात्रि में लगता है भव्य मेला

बिहार के बगहा के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच एक ऐसा मंदिर है जो अपने आप में ही अलौकिक है. इससे जुड़ी पौराणिक कथाएं भक्तों की आस्था को मां के प्रति और मजबूत कर देती हैं. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और बढ़ जाती है और जो भी भक्त इस दौरान यहां मां के दर्शन के लिए आते हैं तो उनकी सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है. लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि मां का ये प्रसिद्ध मंदिर किस नाम से जाना जाता है? यहां मां किस रूप में विराजमान हैं? और सबसे बड़ी बात ये है कि यहां किसी भी भक्त को रात में रुकने की अनुमति क्यों नहीं है? चलिए इन्हीं सारे सवालों के जवाब जानते हैं…

कौन सा है ये प्रसिद्ध मंदिर?
बिहार के बगहा से लगभग 17 किमी. दूर, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में बसा ये मंदिर मां मदनपुर देवी के नाम से जाना जाता है. ये मंदिर यूपी-बिहार की सीमा से लगता है और यहां नेपाल से लेकर यूपी-बिहार के श्रद्धालु आते हैं.

मां किस रूप में विराजमान हैं?
ये मंदिर मां सिद्धिदात्री के भक्तों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है. यहां मां दुर्गा पिंडी रूप में विराजमान हैं और सिद्धिदात्री के रूप में पूजा जाती हैं. मान्यता है कि यहां से भक्त कभी खाली हाथ नहीं जाते, मां उनकी इच्छाएं जरूर पूरी करती हैं. इसलिए भी भक्त इस मंदिर के साथ ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं. लेकिन यहां रुकने की मनाही है. ऐसा क्यों है?

मंदिर परिसर में रात में भक्त क्यों नहीं रुक सकते?
दरअसल, एक पौराणिक कथा के अनुसार साधु रहसू गुरु की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उन्हें रखवाली के लिए एक बाघ प्रदान किया. जो आज भी मंदिर की सुरक्षा करता है. कहते हैं ये बाघ आज भी रोजाना रात को मंदिर के दर्शन के लिए आता है. इसलिए यहां रात में भक्तों को रुकने की मनाही होती है. ताकि उनकी जान को किसी भी प्रकार का खतरा न हो सके. इसलिए नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्त दिन में ही मां पिंडी देवी के दर्शन कर अपने घरों की ओर लौट जाते हैं. इतना ही नहीं मंदिर में नवरात्रि के दौरान क्या कुछ खास होता है उसके बारे में भी आपको बताते हैं…

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नवरात्रि के दौरान लगता है भव्य मेला
मां मदनपुर देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान भव्य मेला लगता है जिसमें भक्तों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ती है. नेपाल, बिहार, उत्तर प्रदेश से आए लाखों भक्त मां सिद्धिदात्री के पिंडी रूप के दर्शन करते हैं. इस दौरान मंदिर में भजन-कीर्तन जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. ऐसे में घने जंगलों के बीच बसे इस मंदिर में भक्ति का माहौल दिल को छू लेता है.

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