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मुहर्रम से ठीक पहले कट्टरपंथियों में हडकंप, ताजिया पर योगी का एक्शन !

हजरत इमाम हुसैन की शहादत में निकाले जाने वाला ताजिया अब योगी की रडार है। नवरात्र काल में योगी की ज़ुबान पर नमाज़ और ताजिया क्यों ?

मुहर्रम से ठीक पहले कट्टरपंथियों में हडकंप, ताजिया पर योगी का एक्शन !

ईद के बाद भी यूपी के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चर्चा चारों तरफ़ है। खाड़ी देशों तक योगी की धमक है, पड़ोसी मुस्लिम देशों की नजर में योगी बाबा हैं। योगी यूपी में एक्शन ले रहे हैं, लेकिन विश्व पटल पर उसका इमपैक्ट है। मुहर्रम से पहले कट्टरपंथियों की टांगे कंपकंपाने लगी है। इन सबके पीछे की वजह है ताजिया हजरत इमाम हुसैन की शहादत में निकाले जाने वाला ताजिया अब योगी की रडार है। नवरात्र काल में योगी की ज़ुबान पर नमाज़ और ताजिया क्यों ? 

पूरे भारत में मुसलमानों की अत्याधिक आबादी कहीं बसती है, तो वो उत्तर प्रदेश हैं। जनसंख्या के मामले में यूपी टॉप पर है और क्षेत्रफल के लिहाज़ से चौथे पायदान पर आता है। दुनिया का सबसे पुराना शहर, सबसे बड़ा स्कूल , सबसे बड़ा मेला दुनिया का अजूबा या फिर पुलिस सब कुछ आपको यूपी की ज़मीन पर मिलेगा। अकेले यूपी में दुनिया के छोटे-मोटे देश समा जाए। इतने बड़े स्टेट को सँभाल पाना आसान काम नहीं है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं। तभी तो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चर्चा चौबिसों घंटे होती है क्योंकि उत्तर प्रदेश को दिनों दिन उत्तम प्रदेश बनाने में लगे योगी बाबा डे वन से ताबड़कोड़ फ़ैसले ले रहे हैं। परिवर्तन समय की माँग है और प्रकृति का अटल नियम इस बात से वाक़िफ़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल फ़िलहाल में ताजिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुहर्रम के मौक़े पर बक़रीद के 20 दिन बाद मुस्लिम समुदाय द्वारा सड़कों पर निकाले जाने वाले ताजिया पर योगी बाबा ने बड़ा बयान दिया है। 


ये पूरा मामला क्या है, ये बताने से पहले आप ये जान लीजिये ताजिया शिया मुसलमानों के लिए क्या मायने रखता है, असल में मुहम्मद साहब के छोटे नवासे हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला की जंग में इस्लाम की रक्षा करते हुए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ शहादत दी और उनकी इसी शहादत को याद करते हुए मातम मनाया जाता है। मुहर्रम पर जुलूस के साथ-साथ ताजिया भी निकाला जाता है। रोज़ा-ए-मुबारक दरगाह की हूबहू क़ॉपी बनाई जाती है। जिसे फिर सड़कों पर उतारा जाता है हालाँकि कई दफ़ा ये देखा गया है कि बनाये गये ताजिया की लंबाई इतनी ऊँची होती है कि वो खंबे पर टकी हाइटैंशन वायर को छूती है, जिसके चलते अप्रिय दुर्घटना का ख़तरा बना रहता है और इसी खतरे को भाँपते हुए योगी बाबा ने ताजिया को लेकर ये कहा है  ताजिया का साइज छोटा करो वरना हाइटेंशन लाइन की चपेट में आओगे तो मर जाओगे।हमने कांवड़ यात्रियों को भी कहा है कि डीजे का साइज छोटा करो जो नहीं करता है उसका खिलफ सख्ती की जाती है। 


इतना ही नहीं, सड़कों पर नमाज़ बैन का समर्थन कर रहे योगी बाबा ने महाकुंभ का उदाहरण भी दिया है…जो लोग ये सोचते हैं कि योगी बाबा नमाज़ के ख़िलाफ़ है, उन्हें सच का आईना दिखाते हुए सीएम योगी ने ये कहा सड़क चलने के लिए होती है और जो लोग इस फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। कुल 66 करोड़ लोग प्रयागराज में आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं, कहीं कोई आगजनी नहीं, कहीं कोई छेड़खानी नहीं, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं, कहीं कोई अपहरण नहीं, यह होता है अनुशासन  यह है धार्मिक अनुशासन अगर आपको सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन को भी मानना सीखिए। 

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नमाज़ पर इतना बवाल इसलिए मचा है, क्योंकि बीते दिनों ईद के मौक़े पर भी यूपी में ख़ासकर प्रशासनिक अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के लोगों से सड़कों पर नमाज न पढ़ने की अपील की थी। मतलब ये कि सड़क पर नमाज़ बैन कर दिया था और उल्लंघन करने पर दंडित करने का डर भी दिखाया था। जिसके चलते बयानबाज़ी अब तक जारी है ।

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