क्या पीरियड्स में रख सकते हैं हरतालिका तीज व्रत? जानिए इस दिन कैसे करें पूजा-अर्चना

मां पार्वती ने भी भगवान शिव को पाने के लिए ये व्रत रखा था. इसलिए ज्यादातर महिलाएं इस व्रत को अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं.

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25 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:26 AM )
क्या पीरियड्स में रख सकते हैं हरतालिका तीज व्रत? जानिए इस दिन कैसे करें पूजा-अर्चना
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आपने कई बार अपने घर के बड़ों से सुना होगा कि जब भी हरतालिका तीज का व्रत लिया जाए तो उसे बीच में छोड़ना नहीं चाहिए. लेकिन अब पीरियड्स का क्या किया जाए, इनका आना भी जरुरी है और न आना भी सिरदर्दी है. इसलिए अगर आपको भी व्रत रखने से पहले आ चुके हैं पीरियड्स, तो घबराएं नहीं. पीरियड्स में आप किस तरह से पूजा कर सकते हैं आप इस खबर में जरुर पढ़िएं. 

पीरियड्स में हरतालिका तीज का व्रत कैसे करें?

  • अगर आपको हरतालिका तीज के दिन या फिर पहले पीरियड्स आ गए हैं तो बिल्कुल भी घबराएं नहीं.
  • अगर आप पहले से व्रत करती आई हैं तो इस व्रत को बीच में न तोड़ें, लेकिन अगर आप इस व्रत को पहली बार रखने वाली हैं तो न रखें.
  • दोनों ही स्थितियों में आपको पूजा का सामान नहीं छूना है और न ही पूजा वाली जगह पर जाना है.
  • इस दौरान आप मन में ही भगवान शिव और मां पार्वती को याद कर उनकी आराधना कर सकती हैं.
  • इस दौरान आप हरियाली तीज की कथा भी जरूर सुनें. इससे आप पर भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा बनी रहेगी.
  • इस दौरान की गई मानसिक पूजा बेहद ही शुभ मानी जाती है.
  • इसके अलावा आप इस स्थिति में अपने पति या फिर बच्चों से भी पूजा करा सकती हैं.

हरतालिका तीज का व्रत क्यों होता है खास?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां पार्वती ने भी भगवान शिव को पाने के लिए ये व्रत रखा था. इसलिए ज्यादातर महिलाएं इस व्रत को अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं. इसके अलावा जिन कन्याओं के विवाह में अड़चनें आ रही हैं उन कन्याओं को भी ये व्रत करना चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में आने वाली परेशानियां काफी हद तक कम होती हैं. इसलिए अगर आपके जीवन में भी ऐसी ही परेशानियां आ रही हैं तो इस व्रत को जरूर करें.

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हरतालिका तीज पर पूजा का शुभ मुहूर्त
हरतालिका तीज पर पूजा करने का पहला मुहूर्त सुबह 4 बजकर 27 मिनट से लेकर सुबह 5.12 मिनट तक रहने वाला है. वहीं दूसरा मुहूर्त सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहने वाला है और तीसरा यानी विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से दोपहर 3 बजकर 23 मिनट तक रहने वाला है. तो इस दौरान आप बताए गए तरीकों से पूजा अर्चना कर सकते हैं.

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