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वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 से खुश वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने की प्रभु श्री रामलला की आरती

भारत हमेशा से ही एकता की मिसाल देता आया है, भारत की पावन धरा पर हमेशा से ही अलग-अलग संस्कृति के लोग रहते आए हैं लेकिन कुछ जिहादियों ने एकता में भंग डालने की भी कोशिश की है लेकिन हर बार भारतीयों ने उनके सामने एक ऐसी मिसाल रखी है जिसने एकता की इस डोर को और मजबूत कर दिया है। जी हां, काशी से एक वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ मुस्लिम महिलाएं रामनवमी के अवसर पर श्रीराम की आरती करती दिख रही हैं।

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09 Apr 2025
( Updated: 10 Dec 2025
01:59 PM )
वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 से खुश वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने की प्रभु श्री रामलला की आरती

ये तस्वीरें उन सबको जवाब है जो वक़्फ़ बिल के विरोध में बवाल पर उतारु है, लोकसभा, राज्यसभा में बिल पास होने के राष्ट्रपति की मुहर भी लग गई जिसके बाद वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 क़ानून बन गया, लेकिन देश के कई हिस्सों में इसका विरोध जारी है, अहमदाबाद हो, बंगाल हो, हैदराबाद हो हर जगह वक़्फ़ क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए, लेकिन काशी से जो तस्वीरें आई उन्होंने विरोध करने वालों कट्टरपंथियों को करारा जवाब दिया है। रामनवमी के अवसर पर पूरे देश में बड़ी ही धूम देखने को मिली, राम भक्तों में राम नाम का उल्लास देखने को मिला, देश के कई हिस्सों में भगवान राम की पूजा- अर्चना की गई तो वहीं अयोध्या में भक्तों का जमावड़ा लगा, साथ ही सिलीगुड़ी में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रामनवमी के अवसर पर जुलूस में शामिल सभी भक्तों पर फूलों की बारिश की तो वाराणसी में भी मुस्लिम समुदायों की कुछ महिलाओं ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर कट्टरपंथियों की बढ़ती नफरत पर पानी डाल दिया है, एक तरफ वक्फ संशोधन बिल को लेकर पूरे देश में कट्टरपंथियों ने नफरत की आग जला रखी है, तो वहीं दूसरी तरफ रामनवमी के शुभ अवसर पर देश की मुस्लिम महिलाओं ने रामलला की आरती कर कट्टरपंथियों की नफरत की आग पर राम नाम का पानी डालकर पूरे देश में एकता की मिसाल पेश की है। 

आपको जानकारी देते चलें कि मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान ने रामनवमी पर कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें रामलला की पूजा-अर्चना की गई और फिर वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को लेकर मोदी सरकार का समर्थन किया गया, मुस्लिम महिलाओं ने लमही के सुभाष भवन में ये आयोजन किया गया है, सजावटी थाल के साथ, खूबसूरत रंगोली, और उर्दू में लिखा श्रीराम, मुस्लिम महिलाओं का रामलला के प्रति उनकी आस्था को व्यक्त कर रहा है, जब पूरे देश को धर्मों के बीच बांटा जा रहा है तो काशी की महिलाओं ने एकता का यह संदेश देकर जिहादियों के मुंह पर करारा तमाचा जड़ दिया है. वहीं दूसरी तरफ वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को लेकर मुस्लिम महिला फाउंडेशन की अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने क्या कुछ कहा सुनिए।


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तो इस तरह नाजनीन अंसारी ने श्रीराम की आरती कर कट्टरपंथियों के मुंह पर तमाचा मारा है तो वहीं यह भी कहा कि

अरबी, तुर्की, और मुग़ल लुटेरे आए आक्रमण किया, राज किया बहुतों ने धर्म बदल लिया लेकिन अरबियों और तुर्कियों को हमने स्वीकार नहीं किया है। राम भारत की संस्कृति के पर्याय हैं, हमारे पूर्वज हैं, हम अपनी परंपराओं और पूर्वजों को कैसे बदल सकते हैं, जब-जब हम राम जी की आरती करते हैं तब-तब हमारे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है, हमारे पूर्वज राम जी के भक्त थे, हम भी हैं। आज वक्फ बोर्ड में सुधार से हम खुश हैं। मुस्लिम महिलाओं को अधिकार मिला है। राम का नाम ही संघर्ष को खत्म करने वाला है। वक्फ बिल पास होने की वजह से राम जी को आरती कर शुक्रिया कह रहे हैं। सब उन्हीं की कृपा से हुआ है। तो इस तरह डॉ. नजमा परवीन से एकता को बनाए रखने के लिए कहा कि यह हमारी ही संस्कृति का हिस्सा है, भगवान राम की कृपा से ही तीन तलाक और वक्फ बिल मुस्लिम महिलाओं के समर्थन में पास हुआ है। 

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