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Dev Diwali 2025: देव दीपावली की रात खुलेंगे भाग्य के द्वार, बस चुपके से करें ये 6 शक्तिशाली उपाय!

हिंदू धर्म में देव दीपावली का खास महत्व होता है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता स्वयं धरती पर दिवाली मनाने आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस रात आप कुछ उपायों को करके अपने जीवन से कई परेशानियों को खत्म कर सकते हैं.

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03 Nov 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:53 AM )
Dev Diwali 2025: देव दीपावली की रात खुलेंगे भाग्य के द्वार, बस चुपके से करें ये 6 शक्तिशाली उपाय!

देव दिवाली का पर्व दिवाली के बाद कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता धरती पर आते हैं. पुराणों के अनुसार इस दिन सभी देव काशी के गंगा घाट पर दिवाली का त्यौहार मनाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप इसी रात कुछ उपायों को करके अपने जीवन की कई परेशानियों को खत्म कर सकते हैं और ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. तो चलिए विस्तार से जानते हैं इन दिव्य उपायों के बारे में...

देव दिवाली की रात जरुर करें ये दिव्य उपाय! 

1- दीपदान: देव दिवाली की रात बेहद ही खास होती है. इस रात आप घी का दीया जलाकर घर के मुख्य दरवाजें, तुलसी के पौधे के पास, मंदिर में और उत्तर दिशा में जरुर रखें. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है औऱ देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है. साथ ही ध्यान रखें की ये कार्य आपको सूर्यास्त के बाद 5 से 7 बजे के बीच करना है. 

2- पीले वस्त्रों का दान: इस शाम आप पीले वस्त्र, अनाज, गुड़ या फिर केसर का दान जरुर करें. साथ ही इस दौरान आप ‘ओम लक्ष्मी नारायणाय नम:’ या ‘ओम नम: शिवाय’ मंत्र का जाप 108 बार जरुर करें. इससे आर्थिक परेशानियां दूर होने के साथ-साथ किस्तमत भी चमक सकती है. 

3- तूलसी पूजन: अगर संभव हो तो देव दिवाली की शाम तुलसी माता की पूजा जरुर करें. इसके लिए आप घी का दिया जलाएं, धूप जलाकर माता को चुनरी उड़ाएं. इसके बाद आप माता को खीर का भोग लगाकर अपनी गलतियों की माफी जरुर मांगे. साथ ही अगर संभंव हो सकें तो रोजाना मां तुलसी के पेड़ के नीचे घी का दीपक जरुर जलाएं. ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और दरिद्रता से छुटकारा मिलता है.

4- गंगा स्नान: देव दिवाली की रात गंगा स्नान करना बेहद ही शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस देव-दिवाली की रात गंगा में स्नान करने से जानें-अनजानें में किये पापों से मुक्ति मिलती है औऱ ईश्वर का आशीर्वाद बना रहता है. लेकिन किसी कारणवश आप गंगा में नहीं नहा सकते हैं तो घर में ही पानी में गंगाजल डालकर नहा लें. ऐसा करना भी अच्छा रहेगा. 

5- शिवलिंग का करें अभिषेक: देव दिवाली को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का संहार किया था. इसलिए अगर आप भगवान शिव की कृपा पाना चाहते हैं तो इस दिन शिवलिंग पर दूध, दही, गंगाजल, शहद और घी से बना पंचामृत जरूर चढ़ाएं. ऐसा करने से आपके शत्रु का नाश होता है. स्वास्थ्य अच्छा रहता है और अचानक धन लाभ के योग बनते हैं. 

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6- चंद्रमा को अर्घ्य: देव दिवाली की रात चंद्रमा उदय के समय तांबे या फिर चांदी के लोटे में जल, दूध, चावल, फूल और रोली मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. इसके लिए आपको ॐ सोमाय नमः मंत्र का जाप करें. लेकिन ध्यान रखें कि चंद्रमा को देते समय आपका मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. ऐसा करने से मानसिक शांति के साथ-साथ वैवाहिक जीवन में भी शांति आती है. साथ ही धन में भी वृद्धि होती है.

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