गणेश चतुर्थी के रंग में रंगे बप्पा के भक्त, अगर आप भी कर रहे हैं बप्पा की स्थापना तो भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां

आज पूरे देश में गणपति उत्सव मनाया जा रहा है, ऐसे में भक्त देश के अलग-अलग गणेश मंदिरों और पंडालों में जाकर बप्पा के दर्शन भी कर रहे हैं. अगर आप भी अपने घर में बप्पा की स्थापना कर रहे हैं तो भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां...

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27 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:13 AM )
गणेश चतुर्थी के रंग में रंगे बप्पा के भक्त, अगर आप भी कर रहे हैं बप्पा की स्थापना तो भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां
Ganesh Chaturthi 2025

आज पूरे देश में गणेश चतुर्थी की धूम है, बप्पा के भक्त बप्पा के दर्शन करने बप्पा के अलग-अलग मंदिरों, गणपति पंडालों में पहुंच रहे हैं. हर साल की तरह इस बार भी गणेश चतुर्थी का उत्साह पूरे देश में देखने को मिल रहा हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में गणपति उत्सव मनाया जा रहा है, तो अगर ऐसे में आप भी बप्पा को आज के दिन घर लाना चाहते हैं तो आपको कुछ नियमों का पालन करना पड़ेगा. इससे न सिर्फ आप बप्पा का आगमन सही से कर पाएंगे बल्कि बप्पा की कृपा के साक्षी बन सकेंगे.

बप्पा को घर कैसे लेकर आएं?


आप बप्पा की ऐसी मूर्ति घर लेकर आएं जो पानी में आसानी से घुल सके.
ऐसी मूर्ति को घर लाएं जिसमें गणपति बप्पा की सूंड बाईं ओर झुकी हो, इस तरह की मूर्ति का घर आना बेहद ही शुभ होता है.
घर के मंदिर में बप्पा की मूर्ति उत्तर-पूर्व दिशा में ही स्थापित करें और ध्यान रखें कि उनका मुख उत्तर दिशा में ही होना चाहिए.
इसके लिए आपको एक बात याद रखना है कि बप्पा को घर लाने के बाद भूलकर भी उन्हें अकेला न छोड़ें.

मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त

घर में मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह से लेकर शाम तक रहने वाला है, इस दौरान आप बप्पा की मूर्ति की स्थापना कर सकते हैं.
लेकिन स्थापना करते समय ध्यान रखें कि स्नान आदि करके पीले वस्त्र पहनकर "ऊँ गं गणपतये नमः" का जाप करते हुए ही करें.

मूर्ति स्थापना के बाद ध्यान रखें ये 6 बातें


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बप्पा को घर लाने के बाद घर में शांति बनाए रखें, बिल्कुल भी लड़ाई-झगड़ा न करें.
घर के मंदिर में बिल्कुल भी गंदगी न फैलाएं.
अपने जूते-चप्पल घर के बाहर ही रखें, अंदर न लेकर आएं.
गणेश चतुर्थी की रात चांद को देखने से बचें, क्योंकि मान्यता है कि ऐसा करने से झूठे आरोप लगने का भय रहता है.

साथ ही घर में मांसाहार का सेवन करने से बचें, शुद्ध शाकाहारी भोजन ही करें.
अगर इन दिनों आपके यहां कोई बालक या फिर कोई साधु घर आएं तो उन्हें भोजन जरूर कराएं.

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