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भारत के दुश्मनों सावधान ! आ रहा ये ख़तरनाक हथियार

और ज़्यादा मज़बूत होने जा रही सेना को अब रूस से आने वाले S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन इसी साल का आख़िर तक मिलने की उम्मीद है रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर तक S-400 स्क्वाड्रन भारत आ जाए

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10 Feb 2025
( Updated: 10 Dec 2025
09:05 AM )
भारत के दुश्मनों सावधान ! आ रहा ये ख़तरनाक हथियार

भारत की ताक़त का नमूना आज दुनिया के सामने हैभारत से पंगा लेना आज किसी के लिए भी बेवक़ूफ़ी से कम नहीं है। भारतीय सेना के पास घातक और अत्याधुनिक हथियारों का ऐसा बेड़ा है जो किसी दुश्मन के नापाक मंसूबों को पल में ध्वस्त कर सकता हैऔर भारतीय सेना के जवानों के शौर्य और साहस से आज कोई भी अपरिचित नहीं है। लेकिन इस बीच और ज़्यादा मज़बूत होने जा रही सेना को अब रूस से आने वाले S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन इसी साल का आख़िर तक मिलने की उम्मीद है रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर तक S-400 स्क्वाड्रन भारत जाए। वहीं पांचवां और अंतिम स्क्वाड्रन 2026 में मिलने की उम्मीद है। भारत ने 2018 में अपने दोस्त रूस से S-400 प्रणाली के पांच स्कवॉड्रन के लिए लगभग 35 हज़ार करोड़ की डील की थी। इसमें से 3 स्क्वाड्रन चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात हैं2 का आना बाकी है…चीन और पाकिस्तान पहले से ही इसे देखकर सहमे हुए हैं। वहीं बाकि बचे 2 और के आ जाने से दुश्मनों का हाल और ज़्यादा ख़राब होगा। अब ये S-400 स्कवॉड्रन क्या है इसकी ख़ासियत क्या हैये कैसे काम करता है ये जानने ज़रूरी है


S-400 की क्या है ख़ासियत ?


S-400 में 400 इस सिस्टम की रेंज को दिखाता है।रूस से भारत को जो सिस्टम मिला है।

वो 400 किलोमीटर दूर से टारगेट को डिटेक्ट करता है। हालांकिदुश्मन इसे आसानी से डिटेक्ट नहीं कर सकते हैं।

S-400 की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे रोड के जरिए कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।

ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही ये ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है

इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो करीब 600

किलोमीटर की दूरी से ही मल्टिपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है।

S-400 की एक यूनिट से एक साथ 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया जा सकता है। एक

टारगेट के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं।

यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी अपने टारगेट को अटैक कर सकता है।


कैसे काम करता है S-400 ? 


 ट्रांसपोर्ट इरेक्टर लॉन्चर : गाइडेंस रडार मिसाइल को टार्गेट के • लिए गाइड करता है।


सर्विलांस रडार : सर्विलांस रडार ऑब्जेक्ट को ट्रैक कर कमांड व्हीकल को निर्देश देता है


कमांड कंट्रोल व्हीकल : कमांड व्हीकल ऑब्जेक्ट की लोकेशन पता कर मिसाइल लॉन्च का निर्देश देता है 


गाइडेंस रडार : टार्गेट के नजदीक वाला लॉन्च व्हीकल मिसाइल लॉन्च करता है 

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