Advertisement

महिलाओं के लिए खतरनाक हैं भारत के ये शहर! लिस्ट में जानें दिल्ली का नंबर कहां? सबसे सुरक्षित सिटी का नाम चौंका देगा

भारत के किस शहर में महिलाएं सबसे ज़्यादा सुरक्षित हैं और कौनसा शहर उनके लिए अनसेफ है इस पर नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वुमेंस सेफ्टी (NARI) की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है.

Author
29 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:15 AM )
महिलाओं के लिए खतरनाक हैं भारत के ये शहर! लिस्ट में जानें दिल्ली का नंबर कहां? सबसे सुरक्षित सिटी का नाम चौंका देगा

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता. यानी जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता बसते हैं, लेकिन आज की नारी नहीं चाहती की उसे देवी तुल्य मानकर पूजा की जाए. आज की नारी नहीं चाहती कि उसे हमेशा आदर्श का दर्जा देकर तथाकथित ढांचे में बांध दिया जाए. वह बस चाहती है तो अपने लिए सम्मान, बराबरी का दर्जा और सुरक्षित माहौल. हालांकि समय के साथ महिलाओं को लेकर समाज में बदलाव आया भी है. महिलाओं ने समाज की धारणाओं को तोड़ते हुए ज़मीन से लेकर आसमान तक परचम लहराया है. लेकिन बात जब नारी की सुरक्षा की हो तो आंकड़े आज भी डराते हैं. भारत के किस शहर में महिलाएं सबसे ज़्यादा सुरक्षित हैं और कौनसा शहर उनके लिए अनसेफ है इस पर नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वुमेंस सेफ्टी (NARI) की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. 

NARI ने महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और असुरक्षित शहरों की लिस्ट जारी की है. जिसमें कोहिमा, विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटानगर और मुंबई को देश में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहर बताया गया है. 

महिलाओं के लिए कम सुरक्षित हैं ये शहर 
पटना, जयपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, श्रीनगर और रांची महिलाओं के लिए सबसे कम सुरक्षित शहर माने गए हैं. सुरक्षित शहरों की लिस्ट को लेकर रिपोर्ट में बताया गया कि, मुंबई, कोहिमा समेत जो शहर इस लिस्ट में हैं उनमें महिलाओं को ज्यादा समानता, नागरिक भागीदारी, बेहतर पुलिस व्यवस्था और महिलाओं के लिए फ़ेवरेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर है. 

जबकि जो शहर इस रिपोर्ट में असुरक्षित माने गए हैं उनको लेकर बताया गया है कि, जयपुर, दिल्ली, पटना, समेत इन शहरों में हालात उलट हैं. 

31 शहरों में हुआ सर्वे 
राष्ट्रीय महिला आयोग (NMC) की अध्यक्ष विजया राहटकर ने NARI की रिपोर्ट जारी की. यह सर्वे 31 शहरों की 12 हजार 770 महिलाओं पर किया गया था.

सर्वे में महिलाओं से उनके वर्कप्लेस पर सेफ़्टी को लेकर भी बातचीत  की गई. इनमें से 91% महिलाओं ने वर्कप्लेस पर ख़ुद के लिए सुरक्षित माहौल बताया. 

वहीं, 10 में से 6 महिलाओं ने अपने शहर में ख़ुद को सुरक्षित बताया. वहीं, 40% महिलाओं ने कहा कि, वह अपने शहर में ज़्यादा सुरक्षित नहीं या असुरक्षित है. ज़्यादातर महिलाओं का कहना था कि, वे रात के समय पब्लिक ट्रांसपोर्ट और घूमने की जगहों पर कम असुरक्षित महसूस करती हैं. 

एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में दिन में ही सेफ़्टी!
इस सर्वे में एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में सेफ़्टी के सवाल पर 86% महिलाओं ने कहा कि वह अपने इंस्टीट्यूट में सिर्फ़ दिन में ही सेफ़ महसूस करती हैं. रात के समय या कैंपस के बाहर सुरक्षा की कमी होती है. 

क़ानून पर महिलाओं को भरोसा न के बराबर 
सर्वे में ज़्यादातर महिलाओं ने क़ानून को लेकर उदासीनता जताई. 25% महिलाओं ने ही क़ानून पर भरोसा जताया. जबकि 69% महिलाओं का कहना था कि, मौजूदा सुरक्षा सिस्टम कुछ हद तक ही कारगर है. 3 में से एक महिला ही उत्पीड़न की शिकायत करती है. सिर्फ 65% ने 2023-2024 के दौरान महिला सुरक्षा में सुधार महसूस किया. 7% महिलाओं का कहना था कि, साल 2024 में पब्लिक प्लेस पर हैरेसमेंट का सामना किया. 24 साल से कम उम्र की लड़कियों के केस में ये संख्या 14% यानी दोगुनी हो जाती है. 

यह भी पढ़ें

NARI के सर्वे में पड़ोस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी अनसेफ जगहों में माना गया है. हर साल NCRB का डेटा जारी होता है, लेकिन जब NARI के सर्वे के मुताबिक़, 3 में से 2 महिलाएं जब शिकायत ही नहीं करती तो ऐसे में NCRB के ज़रिए भी असल आंकड़े बाहर नहीं आ पाते. जब सुरक्षा के लिहाज़ से दिल्ली जयपुर जैसे मेट्रो शहर ही सुरक्षित नहीं है ऐेसे में ज़रूरत है इस ओर क़ानून को और प्रभावी बनाने की. 

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें