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हॉर्न से हटेगा शोर, अब सुनाई देगी सरगम – वाहनों के लिए गडकरी की अनोखी पहल

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक अनोखी और बेहद सकारात्मक योजना की घोषणा की है. इस योजना के तहत अब वाहनों के हॉर्न से तेज़ और कर्कश आवाज़ की बजाय भारतीय वाद्ययंत्रों पर आधारित मधुर धुनें (melodious tones) सुनाई देंगी. यह कदम सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है.

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23 Apr 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:05 PM )
हॉर्न से हटेगा शोर, अब सुनाई देगी सरगम – वाहनों के लिए गडकरी की अनोखी पहल
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New Traffic Rules: भारत की सड़कों पर शोरगुल और ट्रैफिक की चिल्ल-पों किसी से छुपी नहीं है. हॉर्न की आवाज़ अक्सर न सिर्फ परेशान करती है बल्कि मानसिक तनाव का भी कारण बनती है. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक अनोखी और बेहद सकारात्मक योजना की घोषणा की है. इस योजना के तहत अब वाहनों के हॉर्न से तेज़ और कर्कश आवाज़ की बजाय भारतीय वाद्ययंत्रों पर आधारित मधुर धुनें (melodious tones) सुनाई देंगी. यह कदम सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है.

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और शहरी जीवन को थोड़ा शांत बनाना है. भारत के बड़े शहरों में हॉर्न की वजह से होने वाला शोर कई बार लोगों की नींद, मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है. खासतौर पर स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों में हॉर्न की तेज आवाज़ बेहद परेशान करती है.

अब हॉर्न में बजेंगे भारतीय वाद्ययंत्रों के स्वर

गडकरी ने यह स्पष्ट किया है कि वह चाहते हैं कि आने वाले समय में वाहन निर्माता कंपनियां ऐसे हॉर्न डिज़ाइन करें जिनमें शहनाई, बांसुरी, तबला, सारंगी और हारमोनियम जैसे भारतीय वाद्ययंत्रों की ध्वनि सुनाई दे। इससे हॉर्न एक चेतावनी देने वाला यंत्र बना रहेगा, लेकिन उसकी आवाज़ कर्कश नहीं बल्कि सांस्कृतिक और मधुर होगी. इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा मिलेगा.

सरकार की अगली कार्ययोजना

सरकार द्वारा इस योजना को लागू करने के लिए जल्द ही नियम और मानक (Standards and Guidelines) तय किए जाएंगे.

1. ऑटोमोबाइल कंपनियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे नए वाहनों में इन मधुर हॉर्न सिस्टम्स को लागू करें.

2. पुराने वाहनों के लिए रेट्रोफिटिंग ऑप्शन भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जिससे मौजूदा गाड़ियों में भी ये साउंड सिस्टम इंस्टॉल किए जा सकें.

3. इसके साथ ही, 'नो हॉर्न जोन' का पालन सख्ती से कराने पर भी ज़ोर दिया जाएगा.

क्या होगा इससे फायदा?

1. ध्वनि प्रदूषण में कमी

2. लोगों की मानसिक शांति बनी रहेगी

3. भारतीय संस्कृति को बढ़ावा

4. बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए राहत

5. वाहन चालकों के बीच अधिक जिम्मेदारी का भाव

गाड़ियों के हॉर्न अब सिर्फ आवाज़ नहीं बल्कि संगीत की झलक बनेंगे.नितिन गडकरी की यह पहल न केवल तकनीकी रूप से दिलचस्प है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी एक क्रांतिकारी बदलाव है. यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो भारत न केवल ध्वनि प्रदूषण को कम करने में सफल होगा, बल्कि एक बार फिर दुनिया को यह दिखा पाएगा कि कैसे परंपरा और प्रगति को साथ लेकर चला जा सकता है.

यह बदलाव सुनने में जितना खूबसूरत लगता है, ज़मीन पर उतारने के बाद भी उतना ही सुकून देने वाला हो सकता है.

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