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हाथ में हथकड़ी, लंगड़ाते पैर, 3,300 KM का सफर...निकोलस मादुरो को अमेरिका लाया गया, सामने आया पहला VIDEO

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की उन्हीं की देश से गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ले जाया गया गया है. अब इसका एक हैरान कर देना वाला पहला वीडियो सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि कैसे मादुरो को अमेरिकी सैनिक अपने साथ, हाथ में हथकड़ी डालकर ले जा रहे हैं.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ले आया गया है. अमेरिकी डेल्टा फोर्सेस की कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को एक साथ हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क लाया गया. इसी बीच मादुरो के अमेरिका पहुंचने का पहला वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्हें न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट हवाई अड्डे पर हेलीकॉप्टर से उतरते समय हथकड़ी पहने और अमेरिकी अधिकारियों की कड़ी सुरक्षा में देखा जा सकता है.

सामने आया मादुरो का अमेरिका पहुंचने का पहला वीडियो

मालूम हो कि इससे कुछ घंटे पहले वेनेजुएला में देर रात चलाए गए एक सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी सेना ने मादुरो को गिरफ्तार किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हिरासत में मादुरो की पहली तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्हें हथकड़ी पहने और आंखों पर पट्टी बांधे एक अमेरिकी युद्धपोत पर दिखाया गया था.

कैसे हुई मादुरो की यूएस में एंट्री?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी को सबसे पहले हेलीकॉप्टर से ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर ले जाया गया. इस दौरान तीन हेलीकॉप्टर हडसन नदी के ऊपर से उड़ते हुए स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पास से गुजरते देखे गए. वहां से दंपति को पुलिस वाहनों के काफिले में हिरासत केंद्र ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि मादुरो को वेनेजुएला में गिरफ्तार किया गया था और शनिवार तड़के अमेरिकी हेलीकॉप्टर से राजधानी काराकास से बाहर निकाला गया.

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुई करीब 3,300 KM की यात्रा

इसके बाद उन्हें कैरेबियन सी में एक अज्ञात स्थान पर स्थित अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस इवो जिमा ले जाया गया. वहां से उन्हें क्यूबा के ग्वांतानामो बे स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर स्थानांतरित किया गया और फिर एक अन्य विमान से न्यूयॉर्क राज्य के ऑरेंज काउंटी में स्थित स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस लाया गया. इसके बाद हेलीकॉप्टर के जरिए उन्हें न्यूयॉर्क शहर पहुंचाया गया. कुल मिलाकर वेनेजुएला में गिरफ्तारी से लेकर अमेरिका पहुंचने तक मादुरो ने करीब 2,100 मील यानी लगभग 3,300 किलोमीटर की यात्रा की.

मादुरो पर चलेगा नार्को-टेररिज्म का केस!

वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को अब अमेरिका के न्यूयॉर्क में नार्को-टेररिज्म के आरोपों में फेडरल कोर्ट में ट्रायल का सामना करना होगा. मादुरो और उनकी पत्नी शनिवार को स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरे, जहां से दोनों को हेलीकॉप्टर के जरिए मैनहैटन के एक हेलीपैड पर ले जाया गया, जो फेडरल ऑफिस और कोर्ट के बेहद करीब है. कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी के कार्यालय ले जाया जा सकता है.

कुख्यात फेडरल जेल में रहेंगे मादुरो!

इसके बाद मादुरो को ब्रुकलिन की कुख्यात फेडरल जेल मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में रखा जाएगा, जहां वे मुकदमे का इंतजार करेंगे. मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित था और सोमवार को उनकी शुरुआती सुनवाई के लिए कोर्ट में पेशी होने की उम्मीद है. इससे पहले, शनिवार दोपहर जब विमान उतरा, तो एफबीआई एजेंटों ने पूरे विमान को घेर लिया और मादुरो दंपति को तुरंत अपने साथ ले गए.

‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ के तहत हुई वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ के तहत की गई. शनिवार तड़के मादुरो को वेनेजुएला के सैन्य अड्डे फुएर्ते ट्यूना से पकड़ा गया, जहां वे छिपे हुए थे. वहां से उन्हें अमेरिकी नौसेना के जहाज इवो जिमा पर ले जाया गया. अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान में 150 से अधिक विमान शामिल थे.

मादुरो को ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ का सरगना मानता है अमेरिका

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन आयात की साजिश और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप हैं. साल 2020 में दायर मामले में उन पर ड्रग गिरोह ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ का नेतृत्व करने का भी आरोप लगाया गया था.

वेनेजुएलियन लोगों में जश्न का मौहौल!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह मुकदमा न्यूयॉर्क से मियामी या फ्लोरिडा के किसी अन्य स्थान पर भी स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां अमेरिका में रहने वाले वेनेजुएला वासियों की बड़ी आबादी है. मादुरो की गिरफ्तारी की खबर के बाद वहां जश्न का माहौल देखा गया. ट्रंप ने इसे ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया और कहा कि इसे एक सामान्य कानून-व्यवस्था की कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए.

पद पर बनी रहेंगी वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज 

फिलहाल वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अपने पद पर बनी रहेंगी. ट्रंप ने कहा कि वह वही करने को तैयार हैं, जो वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए जरूरी है. हालांकि, डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सत्ता परिवर्तन की साजिश करार दिया और कहा कि इसका मकसद वेनेजुएला के तेल, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना है. उन्होंने दो टूक कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति केवल और केवल निकोलस मादुरो ही हैं.

ट्रंप के बयान से घिरा अमेरिका

वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरिम सरकार और उसके नेताओं को लेकर फैसला उनके भविष्य के कदमों को देखकर किया जाएगा. इसी बीच ट्रंप के कुछ बयानों ने हालात को और उलझा दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका देश को सही तरीके से चलाएगा और इससे बहुत पैसा कमाया जाएगा, जिसे वेनेजुएला के तेल संसाधनों से जोड़कर देखा जा रहा है.

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले 25 वर्षों तक ड्रग तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क चलाया. आरोप है कि वे एक भ्रष्ट और अवैध सरकार के शीर्ष पर बैठे थे, जो लंबे समय से अवैध गतिविधियों को संरक्षण देती रही.

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